भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भोपाल के ऐशबाग पुलिस थाने में एक व्यक्ति की पुलिस पूछताछ के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान अकरम खान (55 वर्ष ) के रूप में हुई, जो मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत थे। उन्हें उनकी बहू द्वारा लगाए गए घरेलू प्रताड़ना के आरोपों के चलते पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था।
पूछताछ के दौरान घबराहट और मौत
मामला तब शुरू हुआ जब अकरम खान की बहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि ससुराल पक्ष उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अकरम खान, उनके बेटे फाजिल, भतीजे सलमान और बहनोई जावेद को हिरासत में लिया। थाने पहुंचने पर अकरम ने पुलिस को अपने स्वास्थ्य के बारे में अवगत कराया, लेकिन उनकी बातों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
पूछताछ के दौरान अकरम ने घबराहट महसूस होने की बात बताई और राहत के लिए बाहर जाने की अनुमति मांगी। आरोप है कि पूछताछ अधिकारी, एसआई अनिल श्रीवास्तव ने उनकी इस अपील को अनदेखा किया और उन्हें हिरासत में ही रखा गया। थोड़ी देर बाद अकरम कुर्सी से गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
स्वजनों का गुस्सा और विरोध
अकरम की मौत की खबर फैलते ही उनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भारी संख्या में ऐशबाग थाने पहुंच गए। थाने में उग्र भीड़ ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। स्वजनों का कहना है कि पुलिस ने अकरम की खराब स्वास्थ्य स्थिति की अनदेखी की, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
पुलिस की सफाई और विवाद
पुलिस ने इस घटना को एक ‘स्वाभाविक मौत’ करार दिया है और कहा कि अकरम को पूछताछ के दौरान कोई प्रताड़ना नहीं दी गई थी। हालांकि, घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और एहतियातन इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब शिकायतकर्ता ने अपनी जान का डर और स्वास्थ्य समस्या स्पष्ट रूप से बताई हो। पुलिस द्वारा जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वजन और स्थानीय लोग अब न्याय की मांग कर रहे हैं।
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