भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यह घटना उस समय घटित हुई जब एक महिला अपने गंभीर रूप से बीमार पति को अस्पताल से डिस्चार्ज करवाकर एंबुलेंस के जरिए घर ले जा रही थी। एंबुलेंस चालक और उसके साथियों पर न सिर्फ महिला के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है, बल्कि विरोध करने पर उन्होंने महिला के बीमार पति का ऑक्सीजन मास्क निकालकर उसकी जान से खिलवाड़ किया।
घटना की शुरुआत: लखनऊ से सिद्धार्थनगर तक का सफर
पीड़िता 35 वर्षीय महिला अपने 37 वर्षीय पति हरीश का इलाज कराने लखनऊ के एक निजी अस्पताल गई थी। अस्पताल में अधिक पैसे मांगने के कारण महिला ने अपने पति को 29 अगस्त को डिस्चार्ज करवा लिया। इसके बाद, उसने सिद्धार्थनगर स्थित अपने घर वापस जाने के लिए एक निजी एंबुलेंस की बुकिंग की। महिला, उसका बीमार पति और उसका भाई एंबुलेंस से सफर कर रहे थे।
एंबुलेंस चालक की धोखाधड़ी और छेड़खानी
सफर के दौरान, एंबुलेंस चालक और उसके सहयोगी ने महिला को झांसा देकर उसे एंबुलेंस के आगे की सीट पर बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। महिला ने इसका विरोध किया और मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन एंबुलेंस का शीशा बंद होने के कारण उसकी आवाज बाहर नहीं जा सकी।
जब महिला ने लगातार विरोध किया, तो आरोपियों ने उसकी धमकी देने लगे। उन्होंने महिला के पति का ऑक्सीजन मास्क निकालकर उसे एंबुलेंस से धक्का दे दिया। महिला और उसके भाई ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें पीटा और उनके पर्स में रखे 10,000 रुपये, गहने, आधार कार्ड, अस्पताल की रिपोर्ट आदि लूटकर फरार हो गए।
बीमार पति की बिगड़ी हालत और मौत
करीब डेढ़ सौ किलोमीटर की यात्रा के बाद, बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र में एंबुलेंस चालक और उसके सहयोगियों ने महिला के पति को एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। ऑक्सीजन मास्क हटने के कारण महिला के पति की हालत और बिगड़ गई। महिला ने तुरंत 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के पति को बस्ती मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया, जहां से उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दुर्भाग्य से, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान महिला के पति की मृत्यु हो गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
इस घटना के बाद महिला ने एंबुलेंस चालक और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बस्ती जिले के एसपी गोपाल चौधरी ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस को इस मामले की सूचना मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई की। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि घटना के दौरान महिला या उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को छेड़छाड़ या मारपीट की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस अब लगाए गए आरोपों की गहन जांच कर रही है, और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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