पुलिस बनने की चाह में बन गया साईको अपराधी : अपराध को अंजाम देने के बाद यात्रियों को फेंक देता था चलती ट्रेन से नीचे , ऐसे पकड़ा गया...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : बिहार, पटना से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर अपराधी को रेल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह अपराधी, रोहित तिवारी, फर्जी रेल पुलिस अधिकारी बनकर यात्रियों से लूटपाट करता था और अपराध को अंजाम देने के बाद उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक देता था। पुलिस ने इसे पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई और गांधी मैदान, पटना से गिरफ्तार कर लिया।

अपराधी की पृष्ठभूमि: पुलिस बनने का सपना, बन बैठा साइको

रोहित तिवारी मूल रूप से भोजपुर जिले के शाहपुर का रहने वाला है और पहले गुजरात में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। पुलिस बनने का उसका शौक इतना गहरा था कि उसने खुद को फर्जी पुलिस अधिकारी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। वेशभूषा से लेकर उसकी हर हरकत में पुलिस की नकल दिखती थी। कमर में इस तरह मोबाइल रखता था जैसे पिस्टल हो, और मोबाइल पर आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) का लोगो लगाकर यात्रियों को धोखा देता था। यहां तक कि पुलिस लिखा हुआ पर्स भी रखता था ताकि किसी को शक न हो।

फुल प्लानिंग के साथ ट्रेन में वारदात

रोहित तिवारी की अपराध की योजना बहुत ही शातिर थी। वह खाकी पैंट, काली शर्ट और पुलिस जैसी दिखने वाली ब्लैक जूते पहनकर ट्रेन में एंट्री करता था। यात्रियों से टिकट मांगता और फिर उन्हें धमकाता कि वे स्पेशल ट्रेन में कैसे चढ़े। इसके बाद उन्हें अलग ले जाकर मारपीट करता और उनसे पैसे ठगता। एक बार पैसे मिल जाने के बाद, वह यात्रियों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक देता था।

लूटपाट और चलती ट्रेन से फेंकने का सिलसिला

एक हालिया घटना में, मालदा टाउन-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन में उसने दो यात्रियों को निशाना बनाया। आरा के पास बिहिया स्टेशन के करीब, रोहित ट्रेन में चढ़ा और खुद को पुलिस बताते हुए यात्रियों से टिकट चेकिंग के नाम पर 5000 रुपये नकद ठग लिए और एक अन्य से 8000 रुपये UPI के जरिए ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसने दोनों यात्रियों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे वे घायल हो गए। घायल यात्रियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, और इसी जानकारी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी हुई।

गिरफ्तारी और पूछताछ

पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल, एक आईफोन और 1500 नकद बरामद किए हैं। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पता चल सके कि उसने और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है। उसकी गिरफ्तारी से ट्रेन यात्रियों के लिए थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इस घटना ने यह भी दिखाया कि फर्जी पुलिस के नाम पर लोगों को कितना बड़ा खतरा हो सकता है।

रोहित तिवारी का पुलिस बनने का जुनून उसे जुर्म की दुनिया में ले गया। उसने पुलिस की वेशभूषा और तरीके अपनाकर यात्रियों को धोखा दिया और उनके पैसे ठगे। अब वह जेल की सलाखों के पीछे है, जहां से उसकी असली पहचान उजागर हुई। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की और एक साइको अपराधी को गिरफ्तार किया, जिससे यात्रियों को बड़ा राहत मिली है।

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