भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला मरीज की एयर एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट की कमी के चलते मौत हो गई। यह घटना रायपुर के MMI नारायणा अस्पताल से हैदराबाद रेफर किए गए मरीज के साथ हुई। एयर एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट मशीन खराब होने की वजह से महिला तड़पती रही और आखिरकार दम तोड़ दिया। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जांच के आदेश दिए हैं।
घटना का विवरण:
रायपुर की भारती देवी खेमानी, जो 57 वर्ष की थीं, को 10 दिनों तक MMI नारायणा अस्पताल में भर्ती रखा गया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर करने की सलाह दी। इसके लिए अस्पताल ने रेड एंबुलेंस कंपनी की एयर एंबुलेंस बुक करवाई, जिसकी कीमत 6 लाख 11 हजार रुपये थी।
एयर एंबुलेंस ने रायपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरी, लेकिन ऑक्सीजन सपोर्ट मशीन काम नहीं कर रही थी। मरीज के बेटे ओम खेमानी ने तुरंत मेडिकल स्टाफ को इस समस्या की जानकारी दी। लेकिन जब तक कोई समाधान निकलता, तब तक महिला की हालत बिगड़ चुकी थी और 15 मिनट बाद उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार का आरोप:
ओम खेमानी का कहना है कि एयर एंबुलेंस और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से उनकी मां की मौत हुई। उन्होंने कहा कि मशीन की जांच किए बिना ही उड़ान भर ली गई। ऑक्सीजन सपोर्ट की कमी से महिला का दम घुट गया। परिजनों ने इस घटना को लेकर टिकरापारा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
जांच के आदेश:
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया और स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर को इस घटना की जांच के निर्देश दिए। सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने मंत्री और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना बेहद चिंताजनक है और चिकित्सा सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है। लापरवाही के ऐसे मामले न सिर्फ मरीजों की जान के लिए खतरनाक होते हैं, बल्कि परिवारों के लिए भी भावनात्मक और आर्थिक बोझ बनते हैं। मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे|

