भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग , बिलासपुर सिम्स (सिम्स, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय) की प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया है। अधिशाषी समिति की बैठक में मंत्री जायसवाल ने सिम्स प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई और सीधे तौर पर डीन डॉ. केके सहारे और एमएस डॉ. एसके नायक को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
प्रबंधन पर सवाल और मंत्री का सख्त रवैया
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि चिकित्सक सेवा भाव से काम करें और सरकार की प्राथमिकता गरीब जनता के हित में काम करना है। जायसवाल ने सिम्स प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए व्यवस्था सुधारने की सख्त चेतावनी दी।
मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण
इससे पहले मंत्री जायसवाल ने कोनी में बन रहे मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जो सिम्स के विस्तार का हिस्सा है। यह अस्पताल 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसमें छह प्रमुख गंभीर रोगों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य और उपकरणों की खरीदी को 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल
मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल दस मंजिला भवन में बनाया गया है जिसमें 240 बेड की सुविधा है। इसमें नेफोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, और न्यूरो सर्जरी जैसे विशेषज्ञ विभाग शामिल हैं। मंत्री ने अस्पताल के सभी मंजिलों का निरीक्षण किया और आग एवं लिफ्ट ऑडिट को पूरा करने का निर्देश दिया ताकि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जा सके।
भविष्य के प्रोजेक्ट्स और योजनाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने साथ ही कैंसर इंस्टीट्यूट भवन का भी निरीक्षण किया, जिसका निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, सिम्स का नया भवन भी इसी परिसर में बनाया जाएगा, जिसके लिए 700 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल का ट्रायल जल्द शुरू किया जाए ताकि संभावित कमियों को समय रहते सुधारा जा सके। इस मौके पर विधायक सुशांत शुक्ला और कई अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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