CG : परिचित लोगो ने महिला के साथ किया गैंगरेप फिर हत्या कर शव को 30 फीट गहरी खाई में फेंका , 72 घंटो के भीतर पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 30 वर्षीय महिला के साथ रेप कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। महिला का शव 30 फीट गहरी खाई में मिला, और पुलिस ने घटना के 72 घंटों के भीतर मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

घटना का विवरण

यह घटना 17 सितंबर 2024 की रात को हुई, जब महिला को धारदार और ठोस वस्तु से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को 18 सितंबर को सूचना मिली कि भभरी गौरकीना जंगल के पास एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। जांच के बाद पता चला कि यह महिला थाना चैनपुर, जिला गुमला (झारखंड) की निवासी थी और हाल ही में जशपुरनगर में किराए के मकान में रह रही थी। 

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस की पहली चुनौती मृतका की पहचान करना था। इसके लिए एसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एएसपी अनिल सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। मृतका की तस्वीरें वाट्सएप ग्रुप और पड़ोसी राज्य झारखंड तक भेजी गईं। बाद में मृतका के परिवार से संपर्क कर उसकी पहचान कराई गई। 

मृतका की शिनाख्त के बाद पुलिस ने पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पता चला कि घटना की रात, राजेंद्र राम मिंज उर्फ छोटू और संजय राम भगत महिला के घर आए थे। पुलिस ने राजेंद्र को हिरासत में लिया, लेकिन उसने पहले गुमराह करने की कोशिश की। सख्त पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। राजेंद्र ने बताया कि उसने अपने सहयोगी संजय राम भगत के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। 

अपराध का खुलासा

पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने बताया कि वह महिला को पहले से जानता था। 17 सितंबर को वह अपने मामा के बेटे संजय राम भगत के साथ मोटर साइकिल से महिला के घर पहुंचा। उन्होंने शराब पी थी और महिला के किराए के मकान पर गए, जहां बाद में वे उसे भभरी नाला के पास ले गए। वहां राजेंद्र ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने केस में फंसाने की धमकी दी और पैसे मांगे, तो गुस्से में आकर राजेंद्र और संजय ने मिलकर महिला की हत्या कर दी। 

पुलिस की तत्परता

इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और टीमवर्क की तारीफ हो रही है। एसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में एएसपी अनिल सोनी, एसडीओपी चंद्रशेखर परमा और निरीक्षक रविशंकर तिवारी सहित कई अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की समन्वित कोशिशों के चलते आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। हालांकि पुलिस ने इस केस को तेजी से सुलझा लिया, लेकिन इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस की मुस्तैदी और तत्परता ने इस जघन्य अपराध के आरोपियों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण है कि हम सभी मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ एकजुट हों और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

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