भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के बचेली में एक 18 दिन के मासूम बच्चे के अपहरण का मामला सामने आया है, जो कई चौंकाने वाले तथ्यों को उजागर करता है। आरोपी आकांक्षा, जो इस अपहरण की मुख्य साजिशकर्ता मानी जा रही है, पर लड़की से लड़का बनने का जुनून सवार था। इसके चलते उसने कई महंगी दवाइयां खरीदीं और जेंडर चेंज ऑपरेशन करवाने की योजना बनाई। इस ऑपरेशन के लिए उसे पैसों की सख्त जरूरत थी, और शायद इसी कारण उसने अपहरण का रास्ता चुना।
तांत्रिकों से संपर्क
आकांक्षा ने जेंडर चेंज की प्रक्रिया में मदद के लिए तांत्रिकों से भी संपर्क किया। वह मानसिक रूप से इस जुनून में इतनी डूबी हुई थी कि उसने अपने माता-पिता के साथ हिंसात्मक व्यवहार भी करना शुरू कर दिया था।
अपहरण की साजिश
घटना के दिन आकांक्षा और उसकी साथी दंतेश्वरी ने बड़ी ही चालाकी से 18 दिन के बच्चे का अपहरण किया। दंतेश्वरी ने मासूम के घर जाकर उसकी माँ को पानी लाने के लिए भेजा और मौके का फायदा उठाकर बच्चे को एक थैले में रखकर आकांक्षा को सौंप दिया।बता दे की आरोपी युवती का बच्चे के घर से पहले से ही जान पहचान थी | इस योजना में दंतेश्वरी ने आकांक्षा को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देते हुए मदद की।
साथी आरोपी
इस साजिश में साहिल अहमद नाम का एक व्यक्ति भी शामिल था, जो आकांक्षा का दोस्त था। साहिल ने अपनी बुकिंग की गाड़ी से आकांक्षा को जगदलपुर तक छोड़ा। हालाँकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोबाइल सर्विलांस और अन्य जानकारी के आधार पर जगदलपुर से ओडिशा भागने की कोशिश कर रही आकांक्षा को पकड़ लिया। पुलिस के सामने आकांक्षा ने दावा किया कि उसने बच्चे का अपहरण सिर्फ उसकी देखभाल के लिए किया था, लेकिन यह बयान कई सवाल खड़े करता है।
यह घटना न केवल अपराध की क्रूरता को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे मानसिक और भावनात्मक अस्थिरता लोगों को खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे साजिश का पर्दाफाश हो सके।
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