भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने हाल ही में एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है, जिसने पिछले 17 सालों में पत्थर से सिर कुचलकर तीन लोगों की हत्या की है। इस आरोपी की पहली हत्या उसकी पत्नी की थी, और अब वह दो और हत्याएं कर चुका है, जिनमें से ताजा मामला ई-रिक्शा चालक सत्यनारायण प्रधान की हत्या का है। आइए विस्तार से इस पूरे मामले पर नजर डालते हैं।
1. पहली हत्या: पत्नी की मौत (17 साल पहले)
यह केस शुरू होता है 17 साल पहले, जब आरोपी प्रदीप सिंह ठाकुर ने अपनी पत्नी की हत्या की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन वह कुछ सालों बाद रिहा हो गया। इस घटना के बाद प्रदीप का आपराधिक जीवन लगातार चलता रहा। उसकी क्रूरता और हिंसा से जुड़ी प्रवृत्तियाँ उसकी आने वाली हत्याओं में भी दिखाई दीं।
2. दूसरी हत्या: कोंदा की मौत (2 साल पहले)
करीब दो साल पहले चिंगराजपारा इलाके में कोंदा नामक युवक की हत्या की गई थी। प्रदीप ने मामूली विवाद में पत्थर से कोंदा का सिर कुचल दिया। इस हत्या के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, लेकिन सबूतों के अभाव में वह महज दो साल के भीतर छूट गया। यह वही पैटर्न था, जिसमें उसने पहले पत्नी और अब कोंदा की हत्या की थी—पत्थर से सिर कुचलना।
3. तीसरी हत्या: सत्यनारायण की मौत (2024 में)
ताजा मामला 2024 में सामने आया, जब सत्यनारायण प्रधान नामक एक ई-रिक्शा चालक की हत्या कर दी गई। सत्यनारायण का शव चिंगराजपारा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास खून से लथपथ हालत में मिला। शुरुआती जांच में यह पता चला कि हत्या की वजह ई-रिक्शा से ठोकर लगने पर बदमाशों के साथ विवाद थी।
पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी महज 8 घंटे में सुलझा ली। आरोपी प्रदीप सिंह ठाकुर और उसके दो साथियों ने सत्यनारायण की पिटाई की थी और अंत में पत्थर से सिर कुचल दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी रिंकू साहू और अजय श्रीवास फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
4. आरोपी का ड्रग्स कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदीप सिंह मोहल्ले में नशे का सामान बेचने का काम करता था। कुछ समय पहले वह जमानत पर छूटने के बाद भी बेखौफ होकर नशे का कारोबार कर रहा था। मोहल्ले में उसकी दहशत इतनी थी कि लोग डर के मारे उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करते थे।
5. स्थानीय माहौल: डर और खौफ
मोहल्ले के लोग प्रदीप से इतना डरते थे कि कोई उसके खिलाफ खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। प्रदीप ने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक गैंग बना ली थी, और इस गैंग का मुख्य उद्देश्य नशे का व्यापार और गुंडागर्दी करना था। स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस में उसकी जान-पहचान का डर दिखाकर वह लोगों को डराता रहता था।
6. पुलिस की कार्रवाई
सरकंडा थाना क्षेत्र के CSP सिद्धार्थ बघेल के अनुसार, सोमवार की रात को सत्यनारायण को तीन लोगों के साथ देखा गया था, और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने 8 घंटे के भीतर प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो साथी अभी भी फरार हैं। CSP ने यह भी बताया कि प्रदीप शहर छोड़कर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया।
7. आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
प्रदीप सिंह ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। वह पहले भी हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपों में गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन सबूतों की कमी के चलते वह जल्दी छूट जाता था। उसकी पुरानी हत्याओं का तरीका भी समान था—पत्थर से सिर कुचलकर हत्या करना। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
यह मामला एक ऐसे सीरियल किलर का है, जिसने कई सालों से अपराधों का सिलसिला जारी रखा था। प्रदीप सिंह ठाकुर ने पत्थर से सिर कुचलकर तीन हत्याएं कीं, जिनमें उसकी पत्नी, कोंदा और सत्यनारायण शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और नशे के कारोबार से जुड़े तार अभी भी जांच का विषय हैं।
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