भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के कुम्हार अशोक चक्रधारी ने दीवाली के पारंपरिक दीयों में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए एक ऐसा दीया तैयार किया है, जो 24 से 40 घंटे तक जल सकता है। यह दीया मिट्टी से बना है और इसमें तेल की आपूर्ति एक विशेष तंत्र द्वारा की जाती है, जो इसे लगातार जलाए रखता है। इस तकनीक के कारण देश-विदेश से अशोक के पास भारी मात्रा में ऑर्डर्स आ रहे हैं। उनकी इस कला के लिए उन्हें टेक्सटाइल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय मेरिट प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ है।
झींटको-मिट्टी' आर्ट सेंटर का विशेष योगदान
अशोक ने अपने गांव में ‘झींटको-मिट्टी’ नाम से एक आर्ट सेंटर की स्थापना की है, जहाँ वह अपनी मिट्टी की कलाकृतियों को प्रदर्शित करते हैं। उनका मानना है कि उनका ये दीया केवल एक साधारण मिट्टी का दीया नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मीय लगाव और मेहनत का प्रतीक है। इस दीये को बनाने की प्रेरणा उन्हें यूट्यूब वीडियो से मिली थी।
दीये का खास डिजाइन और तकनीक
अशोक के इस अनोखे दीये में तीन मुख्य भाग होते हैं - एक दीया, एक गुंबदनुमा तेल जलाशय, और दोनों को जोड़ने वाला ट्यूब। गुंबदनुमा जलाशय तेल का भंडारण करता है और ट्यूब के माध्यम से दीये को निरंतर तेल की आपूर्ति करता है। ट्यूब में एक छोटा छेद होता है, जो धीरे-धीरे तेल को दीये में प्रवाहित करता रहता है। इसका डिज़ाइन कुछ इस प्रकार है कि जैसे ही दीये का तेल समाप्त होने लगता है, जलाशय से स्वतः ही तेल की पूर्ति होती है।
कठिन प्रयास और लगातार सुधार का परिणाम
इस दीये को बनाने में अशोक को कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा। शुरुआत में दीये का संतुलन बनाए रखना कठिन हो गया था, क्योंकि गुंबद के आकार का जलाशय बहुत भारी हो जाता था और दीया गिर जाता था। परंतु कई प्रयासों और सुधारों के बाद अशोक ने इस दीये को एक संतुलित रूप दे दिया।
दीये की कार्यप्रणाली और समय सीमा
अशोक के अनुसार, इस दीये के जलने की सटीक समय सीमा निर्धारित करना कठिन है, परंतु इसमें इतना तेल आता है कि यह 24 घंटे तक बिना रुके जल सकता है। एक बार दीया जलने के बाद सिर्फ उसकी बाती बदलने की आवश्यकता होती है। दीवाली के अलावा दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक अवसरों पर भी इस जादुई दीये की भारी डिमांड रहती है।
लोगों में लोकप्रियता और उच्च मांग
अशोक का यह अनोखा दीया देश के विभिन्न हिस्सों में बहुत लोकप्रिय हो चुका है और इसके लिए उन्हें इतने ऑर्डर्स मिल रहे हैं कि सभी की पूर्ति कर पाना मुश्किल हो रहा है। अभी तक वह केवल 100 ही दीये बना पाए हैं, लेकिन उनकी कोशिश रहती है कि वह सभी ग्राहकों तक अपनी इस कला को पहुंचा सकें।
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