नक्सल प्रभावित बीजापुर में विकास की नई राह: 70 परिवारों को सरकारी नौकरी, तेन्दूपत्ता संग्राहकों को करोड़ों का बोनस और 263 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास.....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :बस्तर , मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बीजापुर दौरा एक महत्वपूर्ण कदम था, जो राज्य सरकार की नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम बस्तर के मिनी स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें नक्सल पुनर्वास नीति के तहत नक्सल हिंसा से पीड़ित 70 आश्रितों को सरकारी नौकरी दी गई और 19,000 से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 14 करोड़ 9 लाख रुपये की बोनस राशि वितरित की गई।

नक्सल पुनर्वास नीति और सरकारी नियुक्तियाँ

नक्सल हिंसा से प्रभावित 70 परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय, सरकार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस पहल से इन परिवारों को एक नई शुरुआत का अवसर मिला है, जो हिंसा और आतंक से त्रस्त क्षेत्रों में स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। 

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण

तेन्दूपत्ता संग्राहक छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में निवास करने वाले हजारों परिवारों के लिए आजीविका का मुख्य साधन हैं। मुख्यमंत्री साय ने इन संग्राहकों को 14 करोड़ 9 लाख रुपये की बोनस राशि वितरित की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को सशक्त बनाने के लिए कृतसंकल्प है। 

विकास कार्यों की घोषणाएं

मुख्यमंत्री द्वारा 263 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से 209 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इसमें 145 नए विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनकी अनुमानित लागत 228 करोड़ 53 लाख रुपये है, और 35 करोड़ 13 लाख रुपये की 64 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। यह निवेश बीजापुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरों तक बढ़ाने की घोषणा की गई। इसके अलावा, बीजापुर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अवसर प्राप्त होंगे। भोपालपटनम में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन की स्थापना से इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे औद्योगिक और घरेलू उपयोगकर्ताओं को लाभ मिलेगा। 

शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए गए, जैसे कि 33 नए स्कूलों की स्थापना, केंद्रीय पुस्तकालय की योजना, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग व्यवस्था और प्रयास आवासीय विद्यालय की स्थापना जैसी घोषणाएं स्थानीय युवाओं के भविष्य निर्माण में मददगार साबित होंगी।

अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ वितरण

कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गृह प्रवेश और आवास स्वीकृति पत्र वितरण, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, और सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया। स्व सहायता समूहों को चक्रीय निधि और युवा खेल प्रतिभाओं को खेल सामग्री भी प्रदान की गई।

विभागीय स्टाल और प्रमाण पत्र वितरण

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों में वन अधिकार प्रमाण पत्र, विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रमाण पत्र, और ई-रिक्शा वितरण जैसी योजनाओं का लाभार्थियों को वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने इन स्टालों का दौरा किया और विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बस्तर क्षेत्र के लोगों की ऊर्जा और उनके प्रदेश के विकास में योगदान की सराहना की। उन्होंने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को निरंतर गति देने का वादा किया, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल स्थापित हो सके। 

इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार न केवल नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर ध्यान दे रही है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

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