भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े 6000 करोड़ रुपये के घोटाले में एक बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर जारी किया गया था। इस घोटाले ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी और अब सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी ने इसकी जांच को एक नए चरण में पहुंचा दिया है।
सौरभ चंद्राकर का सफर: एक साधारण जूस की दुकान से सट्टेबाजी के साम्राज्य तक
सौरभ चंद्राकर का प्रारंभिक जीवन छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक साधारण जूस की दुकान चलाते हुए बीता। लेकिन जल्द ही उसने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के क्षेत्र में कदम रखा और महादेव एप के जरिए एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया। महादेव सट्टा एप की मदद से वह करोड़ों रुपये की अवैध कमाई कर रहा था। इस घोटाले की जांच के दौरान ED और CBI ने अब तक 572.41 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया है, जिसमें 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई में स्थित है।
घोटाले की जांच और ED की प्रमुख भूमिका
महादेव सट्टा एप की अवैध गतिविधियों के संबंध में पहली बार 2019 में जानकारी सामने आई थी। इसके बाद CBI और ED ने इसकी गहन जांच शुरू की। ED ने अपनी जांच के दौरान कई प्रमुख खुलासे किए, जिससे सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का पता चला। यह नेटवर्क न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है।
CBI और ED की जांच में पाया गया कि सौरभ चंद्राकर के पास अवैध तरीके से अर्जित की गई करोड़ों की संपत्तियां हैं। इसके बाद ED ने उसकी संपत्तियों को अटैच किया और इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया। इस अनुरोध के आधार पर, दुबई पुलिस ने चंद्राकर को गिरफ्तार किया।
गोपनीयता और उच्च-स्तरीय समन्वय से गिरफ्तारी
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी एक अत्यंत गोपनीय और सुनियोजित ऑपरेशन का नतीजा है। इस ऑपरेशन में केवल कुछ ही अधिकारियों को इसकी जानकारी थी ताकि गिरफ्तारी में कोई बाधा न आए। दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG राम गोपाल गर्ग) ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। गर्ग ने CBI में अपने 7 साल के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए चंद्राकर की हर गतिविधि पर नज़र रखी।
गोपनीयता को बरकरार रखते हुए, जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को चंद्राकर की प्रोविजनल अरेस्ट के लिए तत्काल अनुरोध भेजा गया। इसके बाद, सितंबर 2024 में गृह मंत्रालय ने इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जिनका त्वरित उत्तर देकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया गया।
CBI की जांच और आगे की प्रक्रिया
दुबई पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद, अब MEA (विदेश मंत्रालय), MHA (गृह मंत्रालय), ED और CBI मिलकर सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने में जुटे हैं। प्रत्यर्पण के बाद चंद्राकर को भारत लाकर उसकी अवैध गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाई जाएगी।
IG राम गोपाल गर्ग की अगुवाई में दुर्ग रेंज पुलिस और CID की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से चंद्राकर की गतिविधियों पर नज़र रखी और इंटरपोल के सहयोग से यह सफल गिरफ्तारी संभव हो सकी।
महादेव एप घोटाले का पर्दाफाश और गिरफ्तारियां
महादेव एप के जरिए हो रही अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान, अब तक 19 में से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ED और CBI की जांच में यह खुलासा हुआ कि महादेव एप के जरिए सट्टेबाजी के कारोबार में बड़े पैमाने पर काले धन को सफेद किया जा रहा था।
चंद्राकर की गिरफ्तारी से इस पूरे घोटाले के पीछे छिपी कई और साजिशों का पर्दाफाश होने की संभावना है। जांच एजेंसियां अब महादेव एप के अन्य संचालकों और सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमुख खिलाड़ियों की तलाश में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कड़ा रुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घोटाले के खुलासे के बाद, इसे CBI को सौंपने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। साय की सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई और CBI को दी गई जांच के बाद अब सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े इस घोटाले की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से महादेव एप के काले कारोबार और सट्टेबाजी नेटवर्क के कई गहरे राज खुलने की उम्मीद है। CBI, ED और अन्य एजेंसियां अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही हैं ताकि सभी दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।जल्द ही सौरव चंद्राकर को दुर्ग लाया जा सकता है|
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे|
https://chat.whatsapp.com/Gicw5el8wSW5GJMECLqkUI




