चोर का पश्चाताप से भरा माफीनामा : मंदिर से चुराई मूर्ति को लौटाकर मांगी माफी, कहा बुरे सपने आ रहे है परिवार पर आ गयी है मुसीबत, माफ़ करे भगवान...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक चोर द्वारा चुराई गई भगवान की मूर्ति को लौटाने का एक अद्भुत मामला सामने आया है। चोरी की गई मूर्ति के साथ चोर ने एक माफीनामा भी छोड़ा, जिसमें उसने अपने द्वारा की गई गलती के लिए माफी मांगी और अपने परिवार पर आने वाली मुसीबतों का जिक्र किया।

घटना का विवरण:

यह घटना प्रयागराज जिले के नवाबगंज इलाके के खासला आश्रम में स्थित एक मंदिर की है। यहाँ अष्टधातु से बनी करीब 100 साल पुरानी राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित थी, जिसे 23 सितंबर 2024 को एक चोर ने चुरा लिया। महंत जयराम दास ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन करीब एक हफ्ते तक चोर का कोई सुराग नहीं मिला। मूर्ति की चोरी से आश्रम के महंत और अन्य शिष्य काफी दुखी थे, जिससे महंत ने अन्न त्याग कर दिया।

चोर का माफीनामा:

1 अक्टूबर 2024 को चोर अचानक मूर्ति को आश्रम के पास छोड़ गया और इसके साथ एक माफीनामा भी महंत के लिए लिखकर गया। चोर ने अपनी गलती को अज्ञानता से भरी बताया और कहा कि मूर्ति चोरी करने के बाद उसे बुरे सपने आने लगे थे। इसके अलावा, उसके बेटे की तबीयत भी बहुत खराब हो गई थी। उसने मूर्ति को बेचने के इरादे से उसे पॉलिश करवाया था, लेकिन अंततः उसने मूर्ति को वापस लौटा दिया और महंत से माफी की गुहार लगाई।

चोर ने महंत से यह विनती की कि उसकी गलती को माफ कर दिया जाए और मूर्ति को पुनः मंदिर में स्थापित किया जाए। उसने भगवान से अपने परिवार और बच्चों को क्षमा करने की प्रार्थना भी की। मूर्ति लौटने के बाद, आश्रम में खुशी का माहौल था और मूर्ति को विधिपूर्वक पुनः स्थापित किया गया।

पुलिस की कार्रवाई:

मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। हालांकि, चोर की पहचान उजागर नहीं हुई है, फिर भी यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

इसी तरह की घटना:

कर्नाटक के मंगलुरु में भी 2021 में ऐसी ही एक घटना घटी थी, जब स्वामी कोरगज्जा मंदिर की दानपेटी में दो युवकों ने कंडोम डाल दिया था। इसके बाद उन दोनों को भयानक खून की उल्टियाँ और बीमारियाँ होने लगीं, और अंततः उन्होंने खुद मंदिर में आकर अपनी गलती कबूल की। उनके पश्चाताप के बाद मंदिर के पुजारी ने उन्हें माफ कर दिया था।किन्तु एक की मौत हो गयी |

यह घटना एक बार फिर से यह प्रमाणित करती है कि धार्मिक आस्था और विश्वास का गहरा प्रभाव होता है। चोर ने मूर्ति को चोरी करने के बाद अपने साथ हुई मुसीबतों को महसूस किया और पश्चाताप करते हुए मूर्ति को लौटा दिया।

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