भिलाई के श्रीमंत झा ने एशियन पैरा-आर्म रेसलिंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को किया गौरवान्वित....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर, भारत के प्रमुख पैरा-एथलीट श्रीमंत झा ने हाल ही में संपन्न एशिया पैरा-आर्म रेसलिंग कप में 85+ किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 से 26 अक्टूबर के बीच भारत में आयोजित की गई थी, जहां श्रीमंत ने अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। 

श्रीमंत झा ने इस विशेष जीत को भारतीय जवानों को समर्पित करते हुए कहा, "यह जीत मेरे लिए बहुत खास है, और मैं इसे उन जवानों को समर्पित करता हूं जो देश की सेवा और रक्षा के लिए अपने जीवन की आहुति देते हैं।" उनकी यह भावना देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता की ओर बढ़ते कदम

इस स्वर्ण पदक के साथ ही, श्रीमंत ने बुल्गारिया में होने वाली विश्व पैरा-आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब उनका ध्यान पूरी तरह से आगामी इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पर केंद्रित है। इस उपलब्धि पर बात करते हुए, श्रीमंत ने कहा, "मैंने इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की है, और अब मेरा लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप है। मैं निश्चित रूप से फिर से भारत को गौरवान्वित करने की कोशिश करूंगा।" 

छत्तीसगढ़ के भिलाई से निकल कर दुनिया में छाए श्रीमंत झा

श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। उन्होंने इससे पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई स्वर्ण पदक जीते हैं और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। श्रीमंत न केवल एक असाधारण खिलाड़ी हैं, बल्कि वे अपने दृढ़ निश्चय और संघर्षशीलता के प्रतीक भी हैं। 

शारीरिक चुनौती के बावजूद हौसला नहीं किया कम

श्रीमंत झा का सफर आसान नहीं रहा। वे जन्म से ही दोनों हाथों में केवल चार अंगुलियों के साथ पैदा हुए थे, लेकिन उन्होंने इस शारीरिक चुनौती को अपने रास्ते में कभी नहीं आने दिया। उन्होंने कठिन परिश्रम और समर्पण से यह साबित किया कि इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।

आज श्रीमंत वर्ल्ड नंबर 3 और एशिया के नंबर 1 पैरा-आर्म रेसलर हैं। उनके जीवन की यह उपलब्धियाँ साबित करती हैं कि वे न केवल अपने क्षेत्र के बेताज बादशाह हैं, बल्कि आने वाले समय में वे भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और भी ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं। 

अब तक 49 पदक जीत चुके हैं

श्रीमंत झा का पदकों का सफर अत्यंत प्रेरणादायक है। अब तक उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुल 49 पदक अपने नाम किए हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर आर्म रेसलिंग की अध्यक्ष प्रीति झींज्ञानी, छत्तीसगढ़ आर्म रेसलिंग संघ के अध्यक्ष जी सुरेश बाबे, चेयरमैन बृज मोहन सिंह, सचिव श्रीकांत, और कोच ऋषभ जैन ने उन्हें बधाई दी। श्रीमंत झा की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हौसले बुलंद हों तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

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