भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्यप्रदेश , यह कहानी वाकई में मालिक और उसके पशु के बीच की वफादारी का अद्भुत उदाहरण है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में घटित इस घटना ने साबित कर दिया कि इंसान और जानवरों के बीच का संबंध कितना गहरा और भरोसेमंद हो सकता है। यह घटना हर किसी को हैरान कर देने वाली है, जहाँ एक भैंसे ने अपने मालिक की जान बचाने के लिए बदमाशों से भिड़कर उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। आइए इस घटना के हर पहलू को विस्तार से जानते हैं:
घटना का विवरण
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के हरदुआ गांव में यह अनोखा मामला सामने आया। 75 वर्षीय राजाराम यादव, जो कि एक किसान और दूध व्यवसायी हैं, रात में अपनी भैंसों को चराने पहाड़ पर गए थे। राजाराम यादव नियमित रूप से अपनी आठ भैंसों और एक पाड़े को लेकर पहाड़ पर चराने जाते थे। उस रात कुछ चोरों ने भैंस चोरी करने की नीयत से उन पर हमला कर दिया।
जब बुजुर्ग राजाराम पर हमला हुआ, तब उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाना शुरू किया। इस शोर को सुनकर उनका (भैंस) पाड़ा, जिसे वे मुर्रा के नाम से बुलाते हैं, ने तुरंत चोरों पर हमला बोल दिया। पाड़े ने अपने सींग और पैरों से चोरों पर हमला कर दिया साथ ही जोर जोर से चिल्लाने लगा जिसकी आवाज सुनकर बाकी भैंसें भी वहां पहुंच गईं और उन्होंने भी चोरों पर हमला कर दिया | जिससे चोर घबरा गए और उल्टे पैर भागने पर मजबूर हो गए। इस तरह पाड़े और भैंसों ने मिलकर अपने मालिक की जान बचाई।
मालिक और पाड़े का संबंध
राजाराम यादव का पाड़ा मुर्रा उनके साथ पिछले आठ साल से है। राजाराम ने मुर्रा का हमेशा खास ख्याल रखा है और दोनों के बीच एक अनोखा संबंध है। इस घटना के बाद से मुर्रा की बहादुरी और वफादारी ने उसे और भी खास बना दिया है। राजाराम यादव के परिवार और गांव के लोग भी पाड़े की बहादुरी से बहुत प्रभावित हैं।
राजाराम यादव का व्यवसाय
राजाराम यादव खेती के साथ-साथ दूध का व्यापार भी करते हैं। उनके पास आठ भैंसें हैं और वे नियमित रूप से रात को उन्हें चराने के लिए पहाड़ पर ले जाते हैं। घटना के बाद, राजाराम यादव कुछ दिन सदमे में रहे और उन्हें चोटें भी आईं, लेकिन अब वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका इलाज हो चुका है।
पुलिस में शिकायत न करने का कारण
इस घटना की जानकारी राजाराम यादव ने पुलिस को नहीं दी है। उनके अनुसार, चूंकि रात के अंधेरे में वे बदमाशों को पहचान नहीं पाए, इसलिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई। इसके अलावा, पुलिस थाना उनके गांव से लगभग 20-25 किलोमीटर दूर है और कोई सबूत न होने के कारण उन्हें लगा कि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी।
ग्रामीणों के अनुसार, उनके गांव के आसपास के जंगलों में चोर अक्सर घूमते रहते हैं और उनका उद्देश्य भैंसों की चोरी करना होता है। इस प्रकार की घटनाओं के बावजूद गांव के लोग पुलिस के पास जाने से कतराते हैं।
पुलिस की अपील
तेंदूखेड़ा थाना टीआई विजय अहिरवार ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि ऐसी कोई घटना होती है या कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके अलावा, पुलिस की डायल 100 सेवा का उपयोग करके तत्काल मदद प्राप्त की जा सकती है।
इस घटना से यह साबित होता है कि जानवरों में भी वफादारी और साहस की भावना होती है। मुर्रा ने अपने मालिक को बचाकर न सिर्फ अपनी वफादारी दिखाई बल्कि यह भी दर्शाया कि जानवरों और इंसानों के बीच का रिश्ता कितना मजबूत हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भले ही पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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