भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर दक्षिण उपचुनाव की चुनावी सरगर्मी दिन-ब-दिन तेज हो रही है। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी की घोषणा की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और उम्मीद है कि सोमवार को इसके उम्मीदवार के नाम की घोषणा हो जाएगी। अभी तक कुल 14 दावेदारों के नाम सामने आए हैं, लेकिन प्रमुख मुकाबला दो मुख्य उम्मीदवारों के बीच है। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में हुई चुनाव समिति की बैठक में इन नामों पर चर्चा की गई, और अब दो नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की योजना बनाई गई है।
प्रमुख दावेदार: प्रमोद दुबे और आकाश शर्मा
रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में कन्हैया अग्रवाल, ज्ञानेश शर्मा प्रमोद दुबे और आकाश शर्मा के नाम सबसे प्रमुख माने जा रहे हैं। हालाँकि प्रमोद दुबे और आकाश शर्मा दोनों ही दावेदार कांग्रेस के लिए अहम माने जा रहे हैं और उनके बीच कांटे की टक्कर है।
प्रमोद दुबे:
प्रमोद दुबे का नाम रायपुर की राजनीति में काफी प्रतिष्ठित है। वे महापौर रह चुके हैं और फिलहाल नगर निगम के सभापति के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा, वे पार्षद के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। प्रमोद दुबे ने 2019 के लोकसभा चुनावों में रायपुर सीट से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था | प्रमोद दुबे का लंबा अनुभव और नगर निगम में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।
आकाश शर्मा:
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा एक उभरते हुए युवा चेहरे के रूप में सामने आए हैं। वे पहले भी 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों में रायपुर दक्षिण सीट से टिकट की मांग कर चुके हैं। पार्टी में उनके युवा और गतिशील छवि के साथ-साथ ब्राह्मण समाज के वोट बैंक को साधने की उनकी रणनीतिक क्षमता को देखते हुए, पार्टी उन्हें उम्मीदवार के रूप में उतार सकती है। आकाश शर्मा का नाम कांग्रेस के नए चेहरे के रूप में उभर रहा है, और उनके चुनाव मैदान में उतरने से युवाओं और ब्राह्मण समाज के वोटों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस का निर्णय प्रक्रिया
प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया अभी चल रही है। बैठक में 14 नामों पर चर्चा हुई, जिसमें प्रमोद दुबे और आकाश शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन नामों को लेकर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत का विचार-विमर्श होना बाकी है। इसके बाद दोनों प्रमुख दावेदारों के नाम का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय करेगा।
भाजपा की तैयारी
दूसरी ओर, भाजपा ने अपने प्रत्याशी की घोषणा पहले ही कर दी है। पूर्व सांसद सुनील सोनी को रायपुर दक्षिण उपचुनाव में भाजपा ने मैदान में उतारा है। सुनील सोनी का नाम भाजपा के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि वे 2019 के लोकसभा चुनावों में रायपुर सीट से विजयी हुए थे।
रायपुर दक्षिण की राजनीतिक पृष्ठभूमि
रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर लंबे समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर रही है। यह सीट रायपुर शहर की प्रमुख सीटों में से एक है, जहां शहरी मतदाता का रुझान महत्वपूर्ण होता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी रायपुर दक्षिण का मुद्दा काफी गर्म था, जब भाजपा से सुनील सोनी और कांग्रेस से प्रमोद दुबे आमने-सामने थे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा किस रणनीति से काम करती हैं।
चुनाव समिति की बैठक
रायपुर के राजीव भवन में करीब एक घंटे चली बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में 14 संभावित उम्मीदवारों के नाम पर विचार-विमर्श हुआ। सभी ने सर्वसम्मति से इस बात पर सहमति जताई कि अंतिम नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।
बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, एसए संपत कुमार, जरिता लैतफलांग, विजय जांगिड़, गुरू रूद्रकुमार, जयसिंह अग्रवाल, धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, एआइसीसी सचिव राजेन्द्र तिवारी, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय, और कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष अरुण ताम्रकार शामिल थे।
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