तीन साल तक लापता रहकर लखनऊ में प्रेमी के साथ छिपी थी युवती : हत्या के संदेह से हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर ,लखनऊ में प्रेमी संग मिली युवती , हाईकोर्ट के आदेश से हुआ बड़ा खुलासा....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से तीन साल पहले अचानक लापता हुई 24 साल की कविता देवी का मामला हाल ही में उजागर हुआ, जिसने दोनों परिवारों में सनसनी मचा दी। पुलिस ने लखनऊ के डालीबाग इलाके से कविता को जिंदा बरामद कर लिया है।

खास बात यह है कि कविता, अपने मायके और ससुराल दोनों से संपर्क तोड़कर अपने प्रेमी सत्यनारायण गुप्ता के साथ रह रही थी। कविता के इस खुलासे ने गोंडा पुलिस को एक बड़ी चुनौती दी, क्योंकि कविता के लापता होने के बाद उसके मायके और ससुराल दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में दोनों पक्षों द्वारा अपहरण और हत्या के मुकदमे दर्ज कराए गए थे। 

कविता की शादी और लापता होने की कहानी

कविता देवी की शादी 17 नवंबर 2017 को गोंडा के ददुआ बाजार निवासी विनय कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के पहले चार साल तक सबकुछ सामान्य चल रहा था। हालांकि, 5 मई 2021 को विनय कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि कविता अचानक घर से गायब हो गई है। 

कविता के मायके वालों ने पहले तो उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन जब महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने कविता के ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। इस आरोप ने ससुराल पक्ष को भी शक के घेरे में ला खड़ा किया। इसके विपरीत, छह महीने बाद कविता के पति विनय ने भी कविता के भाई और अन्य रिश्तेदारों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। 

हाईकोर्ट का हस्तक्षेप और पुलिस की जांच

कविता के लापता होने के बाद दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोंडा पुलिस को निर्देश दिए कि वह कविता को ढूंढने के लिए प्रभावी कदम उठाए। इस आदेश के बाद गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की निगरानी में एक विशेष जांच टीम (एसओजी) का गठन किया गया, जिसमें नगर कोतवाली की पुलिस टीम भी शामिल थी। 

लगभग तीन साल की तलाश के बाद, पुलिस ने लखनऊ के डालीबाग इलाके से कविता को बरामद कर लिया। पुलिस की जांच से पता चला कि कविता अपने प्रेमी सत्यनारायण गुप्ता के साथ तीन साल से वहां रह रही थी और उसने अपने मायके और ससुराल दोनों से संपर्क पूरी तरह से तोड़ लिया था। 

परिवारों की प्रतिक्रिया और पुलिस की आगे की जांच

कविता की जिंदा बरामदगी से उसके मायके और ससुराल दोनों परिवारों ने राहत की सांस ली है। तीन साल तक बेटी के गायब होने और हत्या की आशंका से परेशान मायके वालों को अब सच्चाई का पता चला है। वहीं, ससुराल पक्ष भी आरोपों से बरी होने के बाद राहत महसूस कर रहा है।

अब, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि कविता ने अपने परिवारों से संपर्क क्यों तोड़ा और तीन साल तक लखनऊ में किस परिस्थिति में रही। कविता से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरी घटना की वास्तविकता का खुलासा हो सके।

मुकदमे और कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में अब तक दर्ज मुकदमों पर भी विचार किया जा रहा है। दहेज हत्या और अपहरण के जो आरोप पहले लगाए गए थे, उनके संदर्भ में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि, इस बात की संभावना है कि अब उन मुकदमों को रद्द कर दिया जाए, क्योंकि कविता के जिंदा होने और उसकी मर्जी से लापता होने की पुष्टि हो चुकी है।

यह घटना न केवल गोंडा जिले के लिए एक बड़ी खबर बनी, बल्कि इसमें शामिल दोनों परिवारों को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा। तीन साल तक चले इस संघर्ष के बाद आखिरकार, दोनों परिवारों को एक समाधान मिला है, और पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आई है। अब, यह देखना बाकी है कि इस मामले का अंत किस तरह होता है और कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

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