CG : महज दो महीने के रिश्ते ने ली 18 वर्षीय युवती की जान, बॉयफ्रेंड ने मिलने बुलाकर किया दुष्कर्म फिर दोस्त के साथ मिलकर कर दी युवती की हत्या...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के बिंद्रानवागढ़ चौकी क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 18 साल की एक युवती का प्रेम संबंध उसकी मौत की वजह बना। महज दो महीने के रिश्ते के बाद युवती को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। युवती का नाम सुरेखा था, और उसका प्रेमी बालाराम मलिक, जो ओडिशा के नुआपाड़ा का रहने वाला है, इस घातक साजिश का मुख्य आरोपी निकला।

प्रेम संबंध की शुरुआत और अंत

सुरेखा और बालाराम के बीच करीब दो महीने पहले प्रेम संबंध की शुरुआत हुई थी। सुरेखा ने इस रिश्ते में जीवन भर साथ रहने के सपने देखे थे, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसका यह रिश्ता उसकी मौत का कारण बन जाएगा। 16 अक्टूबर की रात, बालाराम ने सुरेखा को मिलने के लिए बुलाया। प्रेम में डूबी सुरेखा को ज़रा भी एहसास नहीं था कि वह अपनी आखिरी मुलाकात के लिए जा रही है।

बालाराम ने सुरेखा को सुनसान जंगल में बुलाया और पहले उसे धोखे से अपने प्यार के जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस खौफनाक हरकत के बाद, बालाराम ने अपने एक दोस्त धनीराम नेताम (30) के साथ मिलकर सुरेखा की हत्या की साजिश रची।

हत्या का भयानक कांड

दुष्कर्म के बाद, बालाराम ने सुरेखा की छाती पर बैठकर उसके दोनों हाथों से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इस घिनौने अपराध में बालाराम का दोस्त धनीराम भी शामिल था। हत्या के बाद, दोनों आरोपियों ने सुरेखा की लाश को पास के खेत की बाड़ी में बने एक कुंए में फेंक दिया ताकि किसी को इस जघन्य कृत्य का पता न चले।

गुमशुदगी की रिपोर्ट और लाश का मिलना

सुरेखा की माँ, सुभेदी ओटी, ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट 17 अक्टूबर को बिंद्रानवागढ़ पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर की रात से सुरेखा घर से लापता थी। 18 अक्टूबर को गांव की एक महिला, प्रेम बाई, ने बोईरगांव में कुंवर सिंह के खेत में बने कुंए में एक लाश देखी। उन्होंने तुरंत गांव वालों को बुलाया, और इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस जांच और आरोपियों का कबूलनामा

पुलिस ने लाश को बाहर निकाला, और पहचान की कि वह सुरेखा की ही लाश थी। मामला शुरुआत से ही हत्या का लग रहा था। संदेह के आधार पर पुलिस ने बालाराम मलिक और धनीराम नेताम को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। सख्ती से की गई पूछताछ के बाद, दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि बालाराम का सुरेखा के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन किसी कारणवश उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

अपराधियों की गिरफ्तारी और केस की जांच

इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए, गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) निखिल अशोक कुमार राखेचा ने एसपी जितेंद्र चंद्राकर और एसडीओपी बाजीलाल सिंह को इस केस की गहन जांच के निर्देश दिए। जांच की निगरानी में सब इंस्पेक्टर (एसआई) ज्ञानेश्वर गंगवार, एएसआई जोहान ध्रुव, अशोक साहू, मनीष वर्मा, रामेश्वर महिलांगे, चुडामणि देवता, गंगाधर सिन्हा, और कृतेश प्रजापति ने अपराधियों को पकड़ने और केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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