भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग , रायपुर झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को आधी रात कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर लाया गया। इस हाई-प्रोफाइल ट्रांसफर में झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन किया, जिसमें 30 से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल शामिल थे। अमन साहू को रायपुर के क्राइम ब्रांच ऑफिस में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी ताकि तेलीबांधा गोलीकांड मामले में और जानकारी हासिल की जा सके।
क्या है तेलीबांधा गोलीकांड?
तेलीबांधा थाना क्षेत्र के पास स्थित एक निर्माण कंपनी "पीआरए ग्रुप" के ऑफिस के बाहर 13 जुलाई 2024 की रात करीब 11 बजे, दो शूटरों ने पल्सर बाइक पर आकर पार्किंग एरिया में फायरिंग की थी। गोलीबारी की आवाज सुनकर वहां मौजूद कारोबारी के ड्राइवर और अन्य कर्मचारी घबरा गए और जान बचाकर ऑफिस के अंदर भागे। इस दौरान, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए 2-3 राउंड गोली चलाई।
फायरिंग के बाद नकाबपोश शूटर तुरंत मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे शहर में नाकेबंदी की और अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की। शूटर्स की बाइक (नंबर JH 01 DL 4692) बाद में तेलीबांधा क्षेत्र से बरामद की गई।
अमन साहू की भूमिका
तेलीबांधा गोलीकांड की जांच में पुलिस ने पाया कि इस हमले के पीछे अमन साहू का हाथ है। अमन झारखंड का एक कुख्यात गैंगस्टर है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने अमन की गैंग से जुड़े 12 अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें एक महिला सदस्य भी शामिल है, जो गैंग का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
झारखंड में अमन साहू के खिलाफ दर्ज मामले
अमन साहू पर झारखंड में पहले से ही दर्जनों मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों की वजह से उसे एक "हार्डकोर अपराधी" माना जाता है। झारखंड के गिरिडीह जेल प्रशासन ने उसकी सुरक्षा को देखते हुए अक्सर उसकी पेशी से बचने की कोशिश की है। हालांकि, झारखंड की कोर्ट में उसकी वर्चुअल सुनवाई होती रहती है।
अमन पर हत्या, अपहरण, अवैध वसूली और अन्य संगीन अपराधों के कई मामले हैं, और उसे जेल में भी एक खतरनाक कैदी माना जाता है। इस वजह से, उसे रायपुर लाने का यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण था।
पुलिस की अगली कार्रवाई
अमन साहू को प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर लाया गया है और आज उसकी कोर्ट में पेशी होगी। पुलिस उम्मीद कर रही है कि उसकी रिमांड मिलने से उन्हें तेलीबांधा गोलीकांड के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी। इसके अलावा, पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि अमन और उसके गैंग के अन्य सदस्य किन अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं।
विशेष टीमों की कार्रवाई
तेलीबांधा गोलीकांड के बाद, छत्तीसगढ़ पुलिस ने झारखंड और पंजाब में विशेष पुलिस टीमें गठित कीं, जिन्होंने व्यापक छानबीन के बाद अमन के गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में से कुछ को झारखंड और कुछ को पंजाब से पकड़ा गया है।
अमन साहू: एक नजर में
अमन साहू झारखंड के आपराधिक जगत में एक बड़ा नाम है। वह लंबे समय से कई अपराधों में सक्रिय है, और उसकी गैंग राज्य भर में अवैध गतिविधियों को अंजाम देती रही है। अमन के खिलाफ हत्या, अवैध हथियार, जबरन वसूली और अपहरण के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर राज्य के कई इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुका है।
अमन साहू का रायपुर लाया जाना छत्तीसगढ़ और झारखंड पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है। आज की कोर्ट में पेशी और संभावित रिमांड से पुलिस को तेलीबांधा गोलीकांड और अमन के आपराधिक साम्राज्य के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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