CG : ट्रेनों में छत्तीसगढ़ी स्वाद का सफर: फरा से लेकर खुरमी तक, अब लंबी दूरी की यात्राओं में मिलेगा पारंपरिक व्यंजनों का आनंद, रेलवे ने दिए निर्देश...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर , छत्तीसगढ़ी व्यंजन अब जल्द ही ट्रेनों में भी उपलब्ध होंगे, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान अपने पसंदीदा स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद मिल सकेगा। रेलवे बोर्ड ने इस दिशा में कदम उठाते हुए आईआरसीटीसी को निर्देश दिया है कि वे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को अपने मैन्यू में शामिल करें। इन व्यंजनों में फरा, चीला, मुंगौड़ी, बरा, गुलगुल भजिया, सोहारी, ठेठरी, खुरमी, चौसेला और लड्डू जैसे लजीज व्यंजन शामिल होंगे। यह पहल खासकर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए की जा रही है, ताकि यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार खानपान की सुविधा मिल सके। 

रायपुर रेलवे स्टेशन: छत्तीसगढ़ी स्वाद का नया केंद्र

रायपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 130 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। यात्रियों की पुरानी शिकायतें थीं कि उन्हें ट्रेनों में स्थानीय या उनके मनपसंद व्यंजन नहीं मिलते। इसी समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। पिछले महीने रेलवे अधिकारियों और छत्तीसगढ़ के सांसदों के बीच हुई बैठक में इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद रेलवे ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को ट्रेनों में उपलब्ध कराने की योजना बनाई।

क्या मिलेगा खास? 

अब छत्तीसगढ़ के यात्री अपने सफर के दौरान फरा, चीला, मुंगौड़ी और खुरमी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का लुफ्त उठा सकेंगे। रेलवे ने इन व्यंजनों की सूची तैयार की है और खानपान की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। खास बात यह है कि जिन ट्रेनों में खानपान का शुल्क टिकट में पहले से शामिल होता है, वहां कीमत में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। साथ ही, एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने पर भी रोक रहेगी। 

रेलवे की सख्त निगरानी

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यात्रियों को छत्तीसगढ़ी व्यंजन सही तरीके से मिल रहे हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए रेलवे ने एक टीम गठित की है। यह टीम विभिन्न ट्रेनों में परोसे जा रहे व्यंजनों की गुणवत्ता और उपलब्धता की निगरानी करेगी। अगर किसी ट्रेन में छत्तीसगढ़ी व्यंजन नहीं मिले, तो रेलवे आईआरसीटीसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी कर सकता है।

रायपुर का गढ़ कलेवा: छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का पारंपरिक हब

रायपुर के आंबेडकर चौक स्थित गढ़ कलेवा में हर दिन सैकड़ों लोग छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद चखने आते हैं। चीला, फरा, गुलगुल भजिया, सोहारी, ठेठरी, खुरमी, चौसेला, कढ़ी चावल और छत्तीसगढ़ी थाली जैसी पारंपरिक डिशेज यहां की खासियत हैं। यहां की लोकप्रियता को देखते हुए, रेलवे ने भी ट्रेनों में ऐसे व्यंजन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 

वन स्टॉल, वन प्रोडक्ट योजना का हिस्सा

रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 5 पर केंद्र सरकार की "वन स्टॉल, वन प्रोडक्ट" योजना के तहत छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्टॉल लगाए गए थे, जहां यात्रियों को स्थानीय व्यंजन परोसे जाते थे। हालांकि, यह स्टॉल करीब दो महीने तक संचालित होने के बाद बंद हो गया, लेकिन अब इसे फिर से चालू करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं।

इस नई पहल के जरिए छत्तीसगढ़ी संस्कृति और खानपान को न केवल यात्रियों तक पहुंचाया जाएगा, बल्कि स्थानीय व्यंजनों को एक राष्ट्रीय पहचान भी मिलेगी। यात्रियों के लिए यह पहल एक नए अनुभव की शुरुआत होगी, जहां वे सफर के साथ-साथ स्थानीय स्वाद का आनंद भी ले सकेंगे।

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