केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ में CM साय की नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार नीति की सराहना की , 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : नई दिल्ली,  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल विरोधी अभियानों में उपलब्धियों की तारीफ की और कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल समस्या को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई है।

शाह ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से अभूतपूर्व सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने डिफेंसिव नीति को बदलकर आक्रामक नीति अपनाई है, जिसका असर यह है कि कई नक्सल प्रभावित गांवों में अब पहली बार चुनाव में वोटिंग हो रही है। उन्होंने नक्सलियों के वित्तीय पोषण पर भी रोक लगाने का जिक्र किया और बताया कि कैसे केंद्र-राज्य के बेहतर समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त किया जा रहा है।

नक्सली गतिविधियों में गिरावट: आंकड़े

शाह ने बैठक में जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनवरी 2024 से अब तक 194 नक्सली मारे गए, 801 ने हथियार छोड़े और 742 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटें और देश के विकास में सहयोग दें। उन्होंने जोर दिया कि नक्सलवाद का 85% कैडर अब छत्तीसगढ़ तक सीमित रह गया है, और 2026 तक इस समस्या को समाप्त करने का लक्ष्य है।

वामपंथी उग्रवाद: अंतिम चरण में लड़ाई

शाह ने कहा कि मोदी सरकार की आक्रामक रणनीति के कारण वामपंथी उग्रवाद (LWE) अब अपनी अंतिम लड़ाई लड़ रहा है। 2010 की तुलना में 2023 में हिंसा में 72% और मृत्यु में 86% की कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया है। सड़कों और मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। अब तक 14,400 किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी हैं और 6000 मोबाइल टावर लगाए गए हैं।

वर्ष 2023 की समीक्षा और विकास पर जोर

इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। साथ ही पांच केंद्रीय मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारी भी शामिल थे। इन सभी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने के लिए सहयोग और योजनाओं पर चर्चा की।

बैठक में यह भी जिक्र किया गया कि कैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाएं जैसे सड़कें, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है, जिससे इन इलाकों में सामान्य जीवन बहाल हो सके। 

नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कड़े निर्देश

गृह मंत्री अमित शाह ने सालभर पहले अक्टूबर 2023 में भी एक बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे। तब से केंद्र और राज्य सरकारों ने समन्वयित प्रयास किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप नक्सली गतिविधियों में भारी कमी आई है। शाह ने बताया कि नक्सलवाद से लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में है और अगले कुछ वर्षों में यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

यह बैठक भारत के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ और केंद्र-राज्य के सहयोग की सराहना, नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में किए गए प्रयासों की पुष्टि करती है। देश में शांति और विकास की दिशा में यह बैठक एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

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