मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजेंद्र गुप्ता की पत्नी नीलू (42), बेटी गौरांगी (16), और बेटे नवेंद्र (20) व सुवेंद्र (15) इस दुखद घटना के शिकार बने। मंगलवार सुबह, जब नौकरानी रेनू काम पर पहुंची, तो घर का दरवाजा बंद था। जब उसने दरवाजा खोला, तो अंदर लाशें और खून फैला हुआ था।
कहा जा रहा है कि राजेंद्र ने इस घटना को किसी तांत्रिक के कहने पर अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तांत्रिक ने उसे बताया था कि उसकी पत्नी नीलू उसके कारोबार में बाधा डाल रही है, जिसके चलते वह दूसरी शादी के चक्कर में पड़ गया। इस विवाद ने घरेलू झगड़ों को जन्म दिया, जो अंततः इस भयानक घटना में परिणत हुआ।
राजेंद्र का परिवार आर्थिक रूप से बेहद समृद्ध था। उनके पास वाराणसी में चार मकान, 100 से ज्यादा रिक्शे, और देशी शराब के ठेके थे। इनसे उन्हें लाखों की आमदनी होती थी। उनका बेटा नवेंद्र एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था और दिवाली की छुट्टियों में घर आया हुआ था।घर पर छठ की तैयारी चल रही थी|
राजेंद्र के परिवार में पहले भी 5 हत्याएं हो चुकी थीं, जिनमें उसके पिता, भाई, पहली पत्नी और दो गार्ड शामिल थे। इसने पुलिस को राजेंद्र के पुराने आपराधिक जीवन की भी पड़ताल करने पर मजबूर कर दिया है।
पुलिस अभी मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। तांत्रिक के प्रभाव, पारिवारिक विवाद और संपत्ति के लालच ने इस नरसंहार को जन्म दिया, जो समाज के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना हमारे समाज में व्याप्त अंधविश्वास और पारिवारिक कलह के भयावह परिणामों की ओर इशारा करती है। पुलिस की जांच जारी है और इस त्रासदी के असल कारणों का पता लगने की प्रतीक्षा है।
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