भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : राजस्थान – जयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मां, जिसे संतान का रक्षक माना जाता है, ने अपने ही चार साल के मासूम बेटे की हत्या कर दी। इस घटना ने इंसानी रिश्तों के उन पहलुओं को उजागर किया है, जो कभी-कभी भावनात्मक उथल-पुथल के चलते खतरनाक मोड़ ले लेते हैं।
वाराणसी से शुरू हुआ सफर, जयपुर में थमा
इस घटना का केंद्र परिवार है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी से जयपुर आया था। आरोपी महिला सरिता देवी और उसका पति मुकेश, पांच साल पहले शादी के बंधन में बंधे थे। उनके बेटे के जन्म के बाद परिवार में खुशियां तो थीं, लेकिन पति-पत्नी के बीच तनाव भी बढ़ने लगा।
सरिता अपने मायके वापस जाना चाहती थी, लेकिन उसका बेटा पिता के पास रहने की जिद कर रहा था। यह जिद एक मां के भीतर पनप रहे गुस्से और असुरक्षा को हवा देने लगी।
घटना के दिन सरिता का पति, मुकेश, फैक्ट्री में काम करने गया था। घर पर सरिता और उसका बेटा अकेले थे। मां-बेटे के बीच तकरार हुई, और गुस्से में आकर सरिता ने बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने बेटे के शव को अपने साथ रखा और रातभर उसी कमरे में सोती रही।
जब अगली सुबह बेटे की दादी उसे जगाने आईं, तो उसकी हालत देख सन्न रह गईं। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम और पुलिस की जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि बच्चे की मौत गला दबाने से हुई थी। जब पुलिस ने सरिता से पूछताछ की, तो उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। उसने बताया कि बेटे की नानी के घर जाने से इनकार और पिता के पास रहने की जिद ने उसे इस घिनौने कदम तक पहुंचा दिया।
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