भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई , रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जिसे ई-रुपी कहा जाएगा। यह एक डिजिटल करेंसी है, जो हमारी पारंपरिक नकदी का डिजिटल रूप होगी। इसे उपयोग में लाना उतना ही आसान होगा जितना कि 10, 20, 50, 100 या 500 के नोट का उपयोग।
ई-रुपी की प्रमुख विशेषताएं
1. सुरक्षा और गोपनीयता
- ई-रुपी पूरी तरह सुरक्षित है। यह केवल उसके असली मालिक द्वारा ही उपयोग किया जा सकेगा।
- वॉलेट में कितने ई-रुपी हैं, यह जानकारी भी बिना आपकी अनुमति के कोई नहीं देख सकेगा।
- साइबर धोखाधड़ी की संभावना बेहद कम होगी, जिससे यह डिजिटल ट्रांजैक्शन का एक भरोसेमंद विकल्प बनेगा।
2. ऑफलाइन उपयोग की सुविधा
- ई-रुपी को बिना इंटरनेट के भी उपयोग किया जा सकेगा।
- यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी है जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। इस पर भी काम किया जा रहा है|
3. आरबीआई द्वारा नियंत्रित करेंसी
- ई-रुपी आरबीआई द्वारा जारी एक सॉवरेन करेंसी होगी।
- यह आरबीआई की बैलेंस शीट में लायबिलिटी के रूप में दर्ज होगी, जैसे नकद नोट।
4. नोट और बैंक की आवश्यकता कम होगी
- ई-रुपी से लोग बिना बैंक या एटीएम जाए ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।
- यह यूपीआई के एक कदम आगे का विकल्प है, जो बिना इंटरनेट के भी काम करेगा।
आईआईटी भिलाई में चल रही टेस्टिंग
ई-रुपी को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने आईआईटी भिलाई को जिम्मेदारी सौंपी है।
- पायलट प्रोजेक्ट:
आईआईटी भिलाई में एक विशेष सीबीडीसी सेक्शन स्थापित किया गया है, जहां आरबीआई के साथ मिलकर ई-रुपी की टेस्टिंग और विकास पर काम हो रहा है।
- तकनीकी समाधान:
विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करने के लिए शोध कर रही है कि ई-रुपी उन क्षेत्रों में भी प्रभावी हो, जहां इंटरनेट की उपलब्धता कम है।
ई-रुपी पर जागरूकता अभियान
आईआईटी भिलाई और आरबीआई ने छात्रों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
- उद्देश्य:
- ई-रुपी के उपयोग और इसके फायदों के बारे में जानकारी देना।
- युवाओं को डिजिटल करेंसी के प्रति जागरूक बनाना।
- कार्यक्रम की प्रमुख बातें:
- आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक स्वप्निल शानू और अदिति दुबे ने छात्रों को ई-रुपी की तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी।
- प्रश्नोत्तरी सत्र में छात्रों के सवालों का जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
ई-रुपी का महत्व और भविष्य
1. नकद का डिजिटल विकल्प:
- ई-रुपी नकद नोटों का डिजिटलीकृत संस्करण है।
- यह हर नागरिक और सरकारी संस्था को अपनी संपत्ति को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से स्टोर करने का विकल्प देगा।
2. सरल और सुलभ लेनदेन:
- ई-रुपी का उपयोग दैनिक खरीदारी, सैलरी और सरकारी भुगतान में आसानी से किया जा सकेगा।
- नकद की तुलना में इसे उपयोग करने में अधिक सुविधा होगी।
3. डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम:
- यह भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों को साकार करने में सहायक होगा।
- साइबर सुरक्षा और लेनदेन की पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
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