भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को हिला कर रख दिया। यह कहानी है 50 वर्षीय रोहिताश की, जिसकी मौत को लेकर हुई लापरवाही ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाला, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र की खामियों को भी उजागर किया।
गुरुवार को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने रोहिताश को मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में डी-फ्रिजर में दो घंटे तक रखा गया। औपचारिकताओं के बाद, शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया। लेकिन जैसे ही उसे चिता पर लिटाया गया, वहां मौजूद लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। रोहिताश की सांसें फिर से चलने लगीं और शरीर में हरकत हुई।
आनन-फानन में एंबुलेंस मंगवाई गई और उसे वापस अस्पताल पहुंचाया गया। रात भर इलाज के बाद शुक्रवार सुबह उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे जयपुर रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
लापरवाही पर कार्रवाई
इस चौंकाने वाली घटना के बाद, राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए तीन चिकित्सकों को निलंबित कर दिया। इन चिकित्सकों में बीडीके अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप पंचार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मन्ड्रेला के चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश कुमार जाखड़ और बीडीके अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनीत मील शामिल हैं। निलंबन के बाद इन्हें अन्य जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि विभागीय जांच जारी है।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे|
https://chat.whatsapp.com/Gicw5el8wSW5GJMECLqkUI

