मुख्यमंत्री साय ने रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि रायपुर से सिंगापुर और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों पर सीधी उड़ानों की जरूरत है, क्योंकि इन मार्गों पर यात्री ट्रैफिक का स्तर उच्च है। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव को व्यावसायिक रूप से लाभकारी बताते हुए जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया।
कार्गो हब बनेगा रायपुर एयरपोर्ट
बैठक में रायपुर एयरपोर्ट को कार्गो हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कृषि और बागवानी उत्पादों के तेज और किफायती परिवहन के लिए यह कदम आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने इस पर शीघ्र कार्रवाई का वादा किया।
रायपुर से पटना और रांची के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मार्गों पर कनेक्टिविटी बढ़ने से सामाजिक और व्यावसायिक लाभ मिलेगा।
बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C IFR कैटेगरी में अपग्रेड करने और रेडियो नेविगेशन सिस्टम (DVOR) इंस्टॉल करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बिलासपुर में नाइट लैंडिंग की सुविधा जल्द शुरू होगी। वहीं, अंबिकापुर एयरपोर्ट को रायपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या से जोड़ने की मांग पर भी चर्चा हुई।
जगदलपुर से रायपुर के बीच इंडिगो की बंद उड़ान सेवा को दोबारा शुरू करने का अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और इस मार्ग पर उड़ानें शुरू होने से स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सुविधा होगी।
इन सभी घोषणाओं से साफ है कि रायपुर और छत्तीसगढ़ जल्द ही हवाई कनेक्टिविटी के मामले में एक नए युग में प्रवेश करने वाले हैं। चाहे वह अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हों, क्षेत्रीय हवाई अड्डों का विकास हो, या पर्यटन को बढ़ावा देना, यह पहल राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

