दुर्ग जेल में बंदी की मौत: परिजनों ने लगाए पुलिस पर मारपीट के आरोप, पुलिस ने कहा - ब्रेन स्ट्रोक की वजह से हुई मौत , मजिस्ट्रियल जांच शुरू....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग सेंट्रल जेल में एक बंदी की मौत के बाद हंगामा मच गया। लूट के मामले में गिरफ्तार पिंटू नेताम की तबीयत बिगड़ने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस इसे मेडिकल कारण बता रही है।  

क्या हुआ था?

फरीद नगर बस्ती के निवासी पिंटू नेताम को 18 अक्टूबर को लूट के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस के अनुसार, पिंटू पहले से ही मिर्गी से पीड़ित था। 15 नवंबर को उसकी तबीयत बिगड़ने पर दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुधार के बाद उसे जेल भेजा गया, लेकिन 18 नवंबर को उसकी हालत फिर गंभीर हो गई। उसे रायपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन स्ट्रोक और ऑक्सीजन की कमी को मौत का कारण बताया।  

परिजनों के आरोप और हंगामा 

पिंटू की मौत की खबर सुनते ही उसके परिजन और करीब 100 लोग भिलाई के सुपेला थाने पहुंच गए। पुलिस पर मारपीट और बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।  

पुलिस का पक्ष

भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा,  
पिंटू नेताम की मौत ब्रेन स्ट्रोक के कारण हुई है। गिरफ्तारी के दौरान या जेल में किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है।  पुलिस का दावा है कि यह घटना पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी है और आरोप बेबुनियाद हैं।