हिस्ट्रीशीटरों पर सख्ती का ऐलान
जेल अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन क्लीन के तहत हिस्ट्रीशीटरों और आदतन अपराधियों पर सख्ती बरती जाएगी। उनकी गतिविधियों की सघन निगरानी होगी ताकि जेल की दीवारों के भीतर कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही, इन कैदियों से मिलने आने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
मुलाकात व्यवस्था में बदलाव
अब तक जेल परिसर में बंदियों से मिलने के लिए रिश्तेदारों और दोस्तों की भारी भीड़ लगती थी। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है।
- मुलाकात का समय सीमित: अब कैदियों के स्वजन केवल हफ्ते में एक बार उनसे मिल सकेंगे।
- टोकन प्रणाली: मुलाकात के लिए आने वालों को टोकन दिया जाएगा। उन्हीं के आधार पर बारी-बारी से मुलाकात कराई जाएगी।
- पहचान की पुष्टि अनिवार्य: मुलाकात के लिए आने वाले स्वजनों और रिश्तेदारों को पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
- बिना अनुमति परिसर में प्रवेश वर्जित: बिना टोकन या अनुमति के जेल परिसर में घूमने वालों को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंपा जाएगा।
बैरकों की नियमित सफाई
साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के लिए हर रविवार जेल अधिकारियों की उपस्थिति में बैरकों को खाली कराया जाएगा। इसके बाद बैरकों और सेल्स की सफाई होगी। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु को जब्त किया जाएगा।
संदिग्ध वस्तुओं की बरामदगी
हाल ही में हुई आकस्मिक जांच के दौरान बैरकों से धारदार चम्मच, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट जैसी प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद की गईं। इन वस्तुओं को हिस्ट्रीशीटर कैदियों द्वारा छिपाकर रखा गया था। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा और जांच व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जा रहा है।
सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत
रायपुर जेल के बाहर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। डीजी हिमांशु गुप्ता खुद विभिन्न जेलों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

