दिवाली के इस खास मौके पर, परिवार के सभी सदस्यों ने बहू-बेटी और पत्नी को सम्मानपूर्वक स्थान देकर उनकी आरती उतारी और अक्षत-पुष्पों की वर्षा की। उन्हें उपहार स्वरूप द्रव्य भेंट किए गए, जिससे न केवल उनका सम्मान बढ़ा, बल्कि समाज में नारी का महत्व भी एक बार फिर दर्शाया गया। परिवार के दोनों पुत्रों और पोते को कुबेर की संज्ञा देकर उन्हें भी उपहार देकर आशीर्वाद दिया गया।
इसके साथ ही, परिवार ने समाज सेवा के भाव को जीवंत रखते हुए जरूरतमंद बच्चों को मिठाई और पटाखे वितरित किए, जिससे उनकी दिवाली भी खुशियों से भर उठी। पटाखे पाकर बच्चों के चेहरे पर खिलखिलाहट आ गई, जो देवांगन परिवार की उदारता को दर्शाती है।
छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मेघनाथ यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि नारी को देवी का दर्जा हमारी संस्कृति में सदैव से रहा है, और देवांगन परिवार ने इसे अपने आचरण में लाकर प्रशंसनीय कार्य किया है।
भिलाई के वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम साहू और महासचिव गजानंद साहू ने भी इस कार्य को महिलाओं की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला बताया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी घनश्याम कुमार देवांगन ने अपने माता-पिता की स्मृति में छात्रवृत्ति देने की शुरुआत कर समाज में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था।

