पीएमश्री योजना: ग्रीन स्कूल, म्यूजिकल बैंड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ स्कूली शिक्षा में समग्र विकास की नई उड़ान, स्कूली बच्चों को मिलेगी सुविधा....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर (छग) शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने के लिए पीएमश्री योजना के तहत देशभर में नई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस योजना के तहत अब इन स्कूलों में म्यूजिकल बैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा का भी समावेश किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को हर दृष्टिकोण से सशक्त बनाना है।


संगीत और प्रार्थना में तकनीकी बदलाव

जल्द ही पीएमश्री स्कूलों में म्यूजिकल बैंड शुरू किए जाएंगे, जहां संगीत शिक्षा के साथ-साथ प्रार्थना भी म्यूजिक के माध्यम से होगी। शिक्षा विभाग इसके लिए स्कूलों में संगीत के उपकरण भेजने की प्रक्रिया में जुटा है। इससे न केवल बच्चों की संगीत में रुचि बढ़ेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

समग्र विकास की ओर कदम

पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूलों में शिक्षा और अध्ययन का माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। इसका सफल उदाहरण राजनांदगांव का डुंडेरा शासकीय प्राथमिक शाला है, जिसे ग्रीन स्कूल की तर्ज पर विकसित किया गया है। यहां हरियाली और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है, जो बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है।

स्मार्ट क्लास और पुस्तकालय

इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, खेल का मैदान, म्यूजिक रूम और मध्याह्न भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। "पीएमश्री मुस्कान" पुस्तकालय में दीवारों पर प्रेरक चित्र और पंक्तियां हैं, जो बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करती हैं। मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की कही हुई प्रेरणादायक बातें बच्चों को ज्ञान के महत्व को समझाने में सहायक हैं।

स्थानीय भाषा में शिक्षा का प्रावधान

नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 5 तक के बच्चों को स्थानीय भाषा में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपनी संस्कृति और मातृभाषा से जुड़ सकें। पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां बच्चों को एक समृद्ध और बहुमुखी शिक्षा का अवसर मिल रहा है।

इस तरह पीएमश्री योजना शिक्षा में नवाचारों और बच्चों के समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भविष्य में सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक होगी।