भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग, भिलाई हिस्ट्रीशीटर अमित जोश के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस ने उसकी मदद करने वाले सहयोगियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखा है। इसी कड़ी में, दादर नगर हवेली के सिलवासा में एआरवी रिवरडेल से अभिषेक कुमार (31) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने अमित जोश को एक सप्ताह तक छिपाए रखने में मदद की थी। इस कार्रवाई को भिलाई नगर पुलिस ने अंजाम दिया।
अभिषेक कुमार, जो कि एक भविष्य वक्ता है और यू- ट्यूब पर सक्रिय है, ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसे अमित जोश की मदद करने का निर्देश उसके दोस्त रूपेश सिंह ने दिया था। इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में डी. संतोष राव को भी गिरफ्तार किया था।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 25-26 जून की रात भिलाई नगर थाना क्षेत्र के ग्लोब चौक पर हुई, जब दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें हिस्ट्रीशीटर अमित जोश ने अपने साथियों के साथ आदित्य सिंह और सुनील यादव पर फायरिंग की, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद, रमनजीत सिंह द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आर. यशवंत नायडू, अंकुर शर्मा, बी. लक्की जार्ज, शकर भाट, सागर उर्फ डागी, मुकुल सोना, रूपेश सिंह और बिज्जी मोरिस शामिल हैं।
अमित जोश का एनकाउंटर: कैसे हुई कार्रवाई?
मुख्य आरोपी अमित जोश फरार चल रहा था। 8 नवंबर की शाम को, पुलिस को सूचना मिली कि वह जयंती स्टेडियम के पास झाड़ियों में छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, उसने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा जवाबी कार्रवाई में अमित जोश की मौत हो गई। दुर्ग जिले के एसपी जितेंद्र शुक्ला ने मीडिया से पुष्टि की कि एनकाउंटर के बावजूद मामले की जांच अभी जारी है और अन्य सहयोगियों को पकड़ने का अभियान भी तेज कर दिया गया है।
सहयोगियों की तलाश और गिरफ्तारी
पुलिस ने एनकाउंटर के बाद संतोष राव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अमित को भागने में मदद की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन से भागने के लिए इस्तेमाल की गई एक्टिवा बरामद की।
इसके बाद, 16 नवंबर को पुलिस ने एक और सहयोगी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने अमित को गिरफ्तारी से बचाने और छिपाने में सहायता की थी।
पुलिस की विशेष टीम की भूमिका
इस पूरे अभियान में थाना मोहन नगर के उपनिरीक्षक परस ठाकुर, एएसआई सुरेंद्र राजपूत, प्रधान आरक्षक चंद्र प्रकाश और एसीसीयू टीम के आरक्षक सनत भारती और अवश्नी यदु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि अभिषेक कुमार समेत अन्य सहयोगियों की पूरी सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही सभी पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने लगातार मुखबिरों की मदद ली और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनी मुहिम में कोई ढील नहीं दी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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