CG : शारीरिक संबंध बनाने से इंकार करने पर पति ने की पत्नी की निर्मम हत्या , प्राइवेट पार्ट पर डाला बांस का डंडा फिर साड़ी से गला घोंटकर मारडाला , आरोपी गिरफ्तार...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इस अपराध के पीछे कारण बताया जा रहा है कि आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और उसने शारीरिक संबंध बनाने से इनकार पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।  

यह वारदात कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के हथवर गांव की है। 11 नवंबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि 26 वर्षीय सुनीता सिंह का शव उसके घर में पड़ा हुआ है। सुनीता के सिर पर गंभीर चोटें थीं और उसका शव खाट पर पड़ा हुआ मिला। पुलिस को यह जानकारी मृतका के भाई ने दी, जिसे सुनीता के पति विशाल सिंह ने खुद फोन कर बताया था। 

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विशाल सिंह अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी सुनीता से मारपीट करता था और उसके चरित्र को लेकर शक करता था। 10 नवंबर की रात को विशाल ने अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की।

 सुनीता के इनकार करने पर विशाल ने पहले लोहे के फाइल से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद, उसने क्रूरता की हद पार करते हुए सुनीता के प्राइवेट पार्ट में बांस का डंडा डाल दिया। अंत में, विशाल ने अपनी पत्नी का गला साड़ी से घोंट कर हत्या कर दी। 

सुनीता की हत्या के बाद, विशाल सिंह रातभर घर में ही रुका और अगले दिन सुबह उसने सुनीता के मायके वालों को इस घटना की सूचना दी और घर से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में विशाल ने अपने जुर्म को स्वीकार किया और बताया कि वह पत्नी के चरित्र पर शक करता था, जिसके कारण वह इस कदर क्रोधित हो गया।

पुलिस ने विशाल सिंह के खिलाफ हत्या और क्रूरता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्यवाही की जा रही है। 

विशाल और सुनीता की शादी को लगभग 13 साल हो चुके थे। उनकी शादी 2011 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। इन बच्चों में बेटी एक छात्रावास में पढ़ाई कर रही थी जबकि बेटा उनके साथ ही घर पर रहता था। इस घटना के बाद बच्चों को रिश्तेदारों की देखभाल में सौंप दिया गया है।