TRAI के नए नियम का उद्देश्य
स्मार्टफोन्स और इंटरनेट ने हमारे जीवन को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्कैम्स भी बढ़ गए हैं। इन जोखिमों से बचने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है OTP और अन्य कमर्शियल मैसेज की ट्रेसबिलिटी को लागू करना। अगस्त में TRAI ने यह घोषणा की थी, लेकिन शुरुआत में इसे 31 अक्टूबर तक लागू किया जाना था। बाद में Jio, Airtel, VI और BSNL की मांग पर इसकी तारीख बढ़ाकर 31 नवंबर कर दी गई।
नए नियम के प्रभाव
1 दिसंबर से इन नियमों के लागू होने पर, OTP मैसेज में थोड़ी देर हो सकती है। बैंकिंग या टिकट बुकिंग जैसी सेवाओं के लिए OTP प्राप्त करने में अतिरिक्त समय लग सकता है। इसका कारण यह है कि धोखाधड़ी करने वाले फर्जी OTP संदेशों का इस्तेमाल करके लोगों के डिवाइस तक पहुंच बना लेते हैं, जिससे वित्तीय नुकसान होता है।
5G इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए दिशा-निर्देश
सरकार ने 1 जनवरी 2025 से देश में 5G नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए नया कानून, 'राइट ऑफ वे' (RoW) लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी राज्यों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मानकीकृत शुल्क लागू होगा, जिससे नेटवर्क विस्तार में आसानी होगी। यह कदम भारत में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को तेज करेगा।
TRAI ने क्यों लिया यह कदम?
TRAI का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। धोखाधड़ी करने वाले अक्सर फर्जी OTP भेजकर लोगों के उपकरणों तक पहुंच बनाते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए TRAI ने यह निर्णय लिया है कि सभी दूरसंचार कंपनियों को इस नए ट्रेसबिलिटी सिस्टम का पालन करना होगा।
नया नियम क्या है?
TRAI ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे एक ट्रेसबिलिटी सिस्टम का इस्तेमाल करें, जिससे वे सभी कमर्शियल मैसेज और OTP को ट्रैक कर सकें। इस सिस्टम के लागू होने से फर्जी OTP भेजने की घटनाओं में कमी आएगी। हालांकि, इसे लागू करने में कुछ समय लगेगा, जिससे शुरुआती दिनों में OTP मिलने में देरी हो सकती है।
OTP आने में देरी क्यों हो सकती है?
यह नियम पहले 31 अक्टूबर से लागू होने वाला था, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ समय की जरूरत थी, इसलिए इसे 31 नवंबर तक बढ़ा दिया गया। अब 1 दिसंबर से जब यह नियम लागू होगा, तो OTP मैसेज में थोड़ी देर हो सकती है, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियां इस नए सिस्टम को पूरी तरह से लागू करने में समय ले सकती हैं।
इस नियम की महत्वता
फर्जी OTP के जरिए धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने में यह सिस्टम मदद करेगा। इसके जरिए उपभोक्ताओं को OTP की वैधता पर अधिक विश्वास होगा और यह टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क पर संचार को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने का अवसर प्रदान करेगा।

