आरटीओ का निर्देश
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुर्ग आरटीओ एसएल लकड़ा ने बताया कि वाहन मालिकों को अब नंबर प्लेट लगवाने के लिए अलग से भटकने की जरूरत नहीं होगी। तय शुल्क अदा करने के बाद घर बैठे ही यह सेवा उपलब्ध होगी। साथ ही बाइक के 465, कार के लिए 756 रुपए शुल्क भी निर्धारित किया गया है|
ऑनलाइन प्रक्रिया से होगी सुविधा
वाहन मालिकों को परिवहन विभाग की वेबसाइट (cgtransport.gov.in) पर जाकर लॉग इन करना होगा। औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, अधिकृत वेंडर आपके घर आकर नंबर प्लेट आपकी गाड़ी में लगा देंगे।
दो कंपनियां करेंगी काम
नंबर प्लेट लगाने का काम दो कंपनियों, मेसर्स रियल मेजान इंडिया लिमिटेड और मेसर्स रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड, को सौंपा गया है। ये कंपनियां निर्धारित शुल्क के आधार पर वाहन में नंबर प्लेट फिट करेंगी।
मार्च 2025 तक का लक्ष्य
हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों के लिए अनिवार्य किया गया है। इसे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ऑटोमोबाइल डीलरों को भी यह जिम्मेदारी दी गई है।
धोखाधड़ी रोकने का कदम
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुरानी नंबर प्लेट की जगह हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। यह नई प्लेट वाहन की सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी।
कलर कोड स्टीकर अनिवार्य
सरकार ने वाहनों में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ कलर कोड स्टीकर लगाना भी आवश्यक कर दिया है।
जिलों के कोड जारी
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने राज्य के सभी 28 जिलों के लिए कोड निर्धारित किए हैं। उदाहरण के लिए, रायपुर के लिए CG-04, दुर्ग के लिए CG-07 और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लिए CG-31 कोड जारी किया गया है। वाहन मालिक अपने नजदीकी अधिकृत डीलर के पास जाकर यह प्लेट लगवा सकते हैं।
इंस्टॉलेशन चार्ज
प्लेट लगाने के लिए निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त रु. 100 का इंस्टॉलेशन चार्ज भी देना होगा। वाहन मालिक को पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही गाड़ी का चेसिस नंबर भी पोर्टल पर डालना होगा।
सुरक्षा विशेषताएं
नई प्लेट में एक यूनिक कोड शामिल होगा, जिसमें वाहन से संबंधित सभी जानकारी फीड होगी। इसे रिपिड के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि कोड को छेड़ा न जा सके और सुरक्षा बनी रहे।

