भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग, छत्तीसगढ़ की दुर्ग ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और समर्पण का शानदार उदाहरण पेश किया है। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मात्र 38 मिनट में गंभीर मरीज को सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई से रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल तक पहुंचाया गया। यह सराहनीय प्रयास पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा के नेतृत्व में किया गया।
मरीज की हालत गंभीर, समय था कीमती
19 दिसंबर 2024 को इस्पात नगर रिसाली, भिलाई निवासी 68 वर्षीय आमेश कुमार का इलाज सेक्टर-9 अस्पताल में चल रहा था। उनकी स्थिति में सुधार न होने पर शाम 4 बजे उन्हें रामकृष्ण अस्पताल रायपुर ले जाने का निर्णय लिया गया। मरीज को जल्द से जल्द रायपुर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसमें ट्रैफिक पुलिस की कुशल योजना और हाईवे पेट्रोलिंग की मदद से एम्बुलेंस ने 38 मिनट में गंतव्य तक का सफर पूरा किया।
कैसे बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर?
- पायलटिंग टीम: हाईवे पेट्रोलिंग-02 की टीम ने एम्बुलेंस के लिए पायलटिंग की।
- समर्पित अधिकारी-कर्मचारी: हर चौक और चौराहे पर यातायात अधिकारियों और कर्मचारियों ने यातायात को नियंत्रित कर रास्ता साफ किया।
- समन्वय: पुलिस टीम ने मिलकर एम्बुलेंस के लिए बिना रुकावट का मार्ग सुनिश्चित किया।
लगातार दूसरी सफलता
यह उल्लेखनीय है कि दुर्ग ट्रैफिक पुलिस ने लगातार दूसरी बार ग्रीन कॉरिडोर बनाने का कार्य किया। 18 दिसंबर की रात, नागपुर की एक 3 साल की बच्ची को नया रायपुर स्थित सत्य साईं अस्पताल ले जाने के लिए भी अंजोरा बाईपास से कुम्हारी टोल प्लाजा तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। बच्ची को रात 1:30 बजे सुरक्षित और तेज गति से अस्पताल पहुंचाया गया।
समर्पण और सेवा की नई मिसाल
दुर्ग ट्रैफिक पुलिस का यह प्रयास यह साबित करता है कि जान बचाने के लिए समर्पित कार्य ही सच्ची सेवा है। ग्रीन कॉरिडोर बनाना केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की भावना से प्रेरित कदम है। यह प्रयास पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है कि समय पर लिया गया निर्णय जीवन बचा सकता है।
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