भिलाई और कवर्धा में रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश भगाने पुलिस ने कसी कमर , कवर्धा में दो दिनों में मिले 39 संदिग्ध, भिलाई में 20 संदिग्ध लोगो से पुलिस ने की पूछताछ....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :भिलाई / कवर्धा और दुर्ग जिले में बाहरी और बिना वैध दस्तावेज़ के निवास करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों और बाहरी लोगों द्वारा अनधिकृत रूप से क्षेत्र में रहने पर रोक लगाना है।अब तक केवल दुर्ग भिलाई में ही 522 बाहरी लोगो की पहचान की गयी है जो बिना सूचना के यहाँ निवास कर रहे थे|

कवर्धा जिले में कार्रवाई का विवरण

कबीरधाम पुलिस ने पिछले दो दिनों में बड़े स्तर पर छापेमारी की और 39 संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। इन लोगों के पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज़ नहीं थे।

  • पहला दिन: कवर्धा क्षेत्र में 13 और चिल्फी में 2 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया।

  • दूसरा दिन: 24 और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जो बिना वैध दस्तावेज़ के होटल और ढाबों में रह रहे थे।

पुलिस ने BNSS की धारा 128 के तहत इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके साथ ही होटल और ढाबा संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे बिना पहचान पत्र या वैध दस्तावेज़ के किसी भी बाहरी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति न दें।

दुर्ग जिले में सर्च ऑपरेशन

दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े अभियान को अंजाम दिया।

  • 200 घरों में छापेमारी: शुक्रवार को भिलाई के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में 200 घरों में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया।

  • 20 संदिग्ध हिरासत में: इस ऑपरेशन में 20 ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया, जिनके पास भारत की नागरिकता का कोई प्रमाण नहीं था। सभी को बस में भरकर थाने ले जाया गया और पूछताछ के बाद कुछ को छोड़ दिया गया।

शनिवार को भी भिलाई के सेक्टर 5 और सेक्टर 6 में बड़े स्तर पर छापेमारी जारी रही। पुलिस ने स्लम इलाकों और लेबर बस्तियों में तलाशी की, जहां से कई और संदिग्ध लोगों की पहचान की गई।

बांग्लादेश से आए रोहिंग्या मुसलमानों पर आरोप

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि बांग्लादेश से रोहिंग्या मुसलमानों को अवैध तरीके से भारत लाकर दुर्ग जिले के हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया और आसपास के क्षेत्रों में बसाया गया है।

  • नागरिकता के प्रमाण की कमी: पकड़े गए संदिग्धों के पास न तो भारत की नागरिकता का कोई प्रमाण था, न ही कोई वैध वीज़ा या परमिशन।

  • सरकारी जमीन पर कब्जा: स्थानीय लोगों की शिकायत है कि रोहिंग्या मुसलमानों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर घर बना लिए हैं।

  • आधार और राशन कार्ड: कुछ संदिग्धों ने भारत में आकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर लिए हैं, जैसे आधार कार्ड और राशन कार्ड।

पुलिस की सख्ती और भविष्य की योजना

दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला और एएसपी सुखनंदन राठौर के निर्देश पर पुलिस ने यह बड़ा अभियान चलाया।

  • संदिग्धों की पूछताछ: पुलिस पकड़े गए सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है।

  • सर्च ऑपरेशन में फोर्स: इस अभियान में 15 से अधिक थानों के टीआई और सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

  • आगे की कार्रवाई: जिन लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज़ नहीं मिलेगा, उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

होटल और ढाबा संचालकों को चेतावनी

पुलिस ने होटल और ढाबा मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपने यहां ठहरने वाले लोगों की पहचान अनिवार्य रूप से जांचें। 

नागरिकों से अपील

पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह अभियान कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आवश्यक है।

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर join करे| 

https://chat.whatsapp.com/Gicw5el8wSW5GJMECLqkUI