भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 किलो सोना और 15 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। यह बरामदगी भोपाल के पास स्थित मेंडोरी के जंगल में खड़ी एक सफेद टोयोटा कार से हुई है। कार पर आरटीओ का टैग लगा हुआ था, जो मामले को और संदिग्ध बनाता है।
आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में आयकर विभाग के साथ 100 पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी। दो दिन से चल रही लोकायुक्त और आयकर विभाग की रेड के दौरान यह सफलता हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि यह कार ग्वालियर की है और इसे 2020 में खरीदा गया था।
कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठिकानों पर छापे
इससे पहले, आयकर विभाग ने भोपाल और इंदौर की एक प्रमुख कंस्ट्रक्शन कंपनी के 51 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन ठिकानों से भी बड़े पैमाने पर संपत्ति के दस्तावेज और नकदी बरामद की गई थी। माना जा रहा है कि इस पूरी कार्रवाई का कनेक्शन जंगल में बरामद सोने और नकदी से भी जुड़ा हो सकता है।
पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर से करोड़ों की संपत्ति जब्त
इसके अलावा, लोकायुक्त पुलिस ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर से 2.85 करोड़ रुपये नकद, 50 लाख रुपये का सोना और अन्य संपत्ति जब्त की थी। डीएसपी वीरेंद्र सिंह के अनुसार, सौरभ शर्मा के भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद संदेह बढ़ा
सूत्रों के अनुसार, सौरभ शर्मा ने करीब एक साल पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। हालांकि, रेड के दौरान सौरभ शर्मा का कोई पता नहीं चला। उनके गिरफ्तार होने पर कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
जंगल की कार और सौरभ शर्मा के बीच संबंध?
जंगल में बरामद कार और उसमें पाए गए धन और सोने का मामला सौरभ शर्मा से जुड़े होने का भी संदेह है। आयकर और लोकायुक्त विभाग इस एंगल से जांच कर रहे हैं।
आगे की जांच
जांच अधिकारियों ने बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी है। जंगल में कार के मिलने से लेकर पूर्व आरक्षक के पास मिली संपत्ति तक, यह पूरा मामला काले धन और भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
यह छापेमारी मध्य प्रदेश में काले धन और अवैध संपत्ति के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। इस तरह की कार्रवाइयों से यह संकेत मिलता है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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