कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा शाम करीब 5:50 बजे हुआ। गर्भवती महिला को लिफ्ट के जरिए नीचे लाया जा रहा था। लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचने से पहले ही उसका पट्टा टूट गया, जिससे लिफ्ट तेज़ी से नीचे गिर गई। गिरते समय महिला की गर्दन लिफ्ट के बीच फंस गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लिफ्ट में डॉक्टर समेत अन्य मरीज़ भी मौजूद थे। बताया गया कि लिफ्ट चलाते समय पहले वह रुक गई थी, और फिर अचानक गिर गई।
घटना के बाद हंगामा
हादसे के बाद अस्पताल में मौजूद लोग लिफ्ट के पास पहुंचे और मदद के लिए टेक्निशियन को बुलाया गया। लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें शुरू हुईं। इस बीच घटना से नाराज़ तीमारदारों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। उन्होंने अस्पताल की मशीनों, दरवाज़ों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल का स्टाफ और मैनेजमेंट मौके से भाग खड़ा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और गुस्साए लोगों को शांत कराया।
मामले में मेरठ के सीएमओ अशोक कटारिया ने कहा, "महिला को आनन्द अस्पताल लाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश लिफ्ट हादसे में उसकी जान चली गई। डॉक्टरों की टीम ने महिला की मौत की पुष्टि कर दी है।"
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया, लिफ्ट के खराबी के कारण यह हादसा हुआ। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

