भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग , देश-दुनिया में पंडवानी को लोकप्रिय बनाने वाली पद्मभूषण लोकगायिका तीजनबाई के संघर्ष की खबरें सामने आते ही मदद की पहल तेज़ हो गई। आठ महीने से पेंशन और तीन महीने से इलाज के लिए सहायता न मिलने की स्थिति ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सक्रिय कर दिया।
मदद का सिलसिला
गुरुवार को तीजनबाई के गृहग्राम गनियारी में लोगों का तांता लग गया। लोक कलाकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों ने उनके स्वास्थ्य और हालात का जायजा लिया।
- नृत्यांगना यास्मीन सिंह ने फोन पर उनका हालचाल जाना और उनके बैंक खाते में 1 लाख रूपये की आर्थिक मदद दी।
- वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने उनकी बहू रेणु से मुलाकात की और 1 लाख रूपये नकद प्रदान किए। साथ ही, आरोग्य अस्पताल में इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया।
- कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने रेडक्रॉस मद से 50 हजार रूपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।
प्रशासनिक पहल
तीजनबाई की पेंशन और दस्तावेज़ संबंधी समस्याओं को भी प्रशासन ने सुलझाना शुरू कर दिया।
- ईपीएफओ की रुकी हुई पेंशन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है, जिससे जल्द ही पांच साल की बकाया राशि मिलने लगेगी।
- संस्कृति विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक कलाकार पेंशन के लिए आवेदन राज्य सरकार को भेजा गया है।
- छह महीने की बकाया पेंशन राशि 30 हजार रूपये 22 अक्टूबर 2024 को तीजनबाई के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
पेंशन और वित्तीय स्थिति
- तीजनबाई को पद्मश्री सम्मान के तहत 5,000 रूपये की मासिक पेंशन मिल रही है।
- संस्कृति विभाग की वरिष्ठ नागरिक कलाकार पेंशन अभी स्वीकृत नहीं हुई है।
- बीएसपी में 30 साल की सेवा के बाद 2016 में सेवानिवृत्त हुईं तीजनबाई को 2,084 रूपये की मासिक ईपीएफओ पेंशन मिलती थी, जो जीवन प्रमाण-पत्र न देने के कारण पिछले पांच सालों से रुकी हुई थी।
मानवता की मिसाल
विधायक रिकेश सेन ने कहा, तीजनबाई हमारी अमूल्य धरोहर हैं। यह बेहद दुखद है कि उन्हें अपनी जमा पूंजी से इलाज कराना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह मदद हमारी जिम्मेदारी है।
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