नक्सल प्रभावित बस्तर के दौरे पर अमित शाह: हिड़मा के गांव तक पहुंचने की तैयारी, शहीदों के परिवार से मिलेंगे...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :  छग , रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र का दौरा किया। उनका यह दौरा न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक और रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। शाह ने बस्तर में सरेंडर नक्सलियों और शहीदों के परिवारों से मुलाकात की और नक्सल उन्मूलन को लेकर एक बड़े संदेश का आह्वान किया।  

हिड़मा के गांव तक पहुंचने की योजना

अमित शाह संभवतः बस्तर के सबसे संवेदनशील इलाके, हिड़मा के गांव पूवर्ती का दौरा कर सकते हैं। यह वही गांव है, जहां से वांछित नक्सली नेता माड़वी हिड़मा का संबंध है। हिड़मा, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य है, पर 1 करोड़ से अधिक का इनाम घोषित है।  

हाल ही में सुरक्षाबलों ने पूवर्ती गांव और आसपास के इलाकों में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है। यहां एक स्थायी कैंप स्थापित किया गया है और जवान हर दिन सर्च ऑपरेशन पर निकलते हैं। शाह का इस गांव का दौरा, न केवल सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित कर शांति और विकास के नए द्वार खोलने का प्रयास करेगा।  

अबूझमाड़: नक्सलियों की 'राजधानी' में नया अध्याय

अमित शाह नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ का भी दौरा कर सकते हैं। यह क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, जहां कई बड़े नक्सली कैडर सक्रिय हैं। अबूझमाड़ को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए यहां इंडियन आर्मी का बेस कैंप स्थापित करने की योजना है।  

शाह का दौरा इलाके की जमीनी स्थिति का जायजा लेने और स्थानीय लोगों से चर्चा करने का एक प्रयास होगा, ताकि नक्सलवाद के प्रभाव को जड़ से खत्म किया जा सके।  

बस्तर ओलंपिक में शाह का विकास का संदेश

15 दिसंबर को अमित शाह ने बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने कहा, नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर कश्मीर से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करेगा। 31 मार्च 2026 के बाद लोग कहेंगे कि बस्तर बदल गया है। हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले नक्सलियों का स्वागत होगा, लेकिन जो हिंसा करेंगे, उन्हें सुरक्षाबल जवाब देंगे।

रायपुर में LWE बैठक: निर्णायक रणनीति पर जोर

शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (LWE) से निपटने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ की गई सफलताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सरकार बदलने के बाद से टॉप 14 नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं और पहली बार नागरिकों और सुरक्षाबलों के मृत्यु दर में कमी आई है।  

राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड: बलिदान का सम्मान

अमित शाह ने राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कलर्स केवल एक सम्मान नहीं है, यह उन जवानों के बलिदान का प्रतीक है जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।  

शांति और विकास का दोहरा उद्देश्य

अमित शाह के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य न केवल नक्सलवाद को खत्म करना है, बल्कि बस्तर के विकास को भी तेज़ी से आगे बढ़ाना है। सुरक्षाबलों की बढ़ती उपस्थिति और विकास परियोजनाओं से यह क्षेत्र जल्द ही शांति और प्रगति का केंद्र बन सकता है।  बस्तर अब सिर्फ संघर्ष का नहीं, बल्कि विकास और उम्मीदों का पर्याय बनने की ओर बढ़ रहा है। अमित शाह के इस दौरे ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक नई शुरुआत का संकेत दिया है।

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