बड़ी खबर : बेअदबी के दौरान गोल्डन टेम्पल पर धार्मिक सजा भुगत रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री पर गोलियों से हमला , मिली है बर्तन धोने, शौचालय साफ करने की सजा...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर जानलेवा हमला हुआ। हालांकि, इस घटना में वह बाल-बाल बच गए। मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह हमला तब हुआ जब सुखबीर सिंह बादल अकाल तख्त द्वारा उन्हें दी गई धार्मिक सजा के तहत सेवा कर रहे थे।  

 

अकाल तख्त द्वारा दी गई सजा का कारण

अकाल तख्त, सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था है, जिसने अगस्त 2023 में सुखबीर सिंह बादल को "तनखाइया" घोषित किया। यह निर्णय 2007-2017 के बीच उनकी सरकार की कथित गलतियों और 2015 के गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी मामले से जुड़ा है। इस विवाद में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को माफी देने का मुद्दा शामिल है। 

सजा के रूप में दिए गए कार्य:

अकाल तख्त ने सुखबीर बादल को स्वर्ण मंदिर और अन्य गुरुद्वारों में बर्तन धोने, शौचालय साफ करने और लंगर परोसने का काम सौंपा। उन्होंने सेवा की शुरुआत करते हुए स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोए और सफाई की। इस दौरान गले में "तनखाइया" का तख्ता पहनकर उन्होंने सार्वजनिक माफी भी मांगी।  

सिख समुदाय में विवाद

2015 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में समर्थन देने पर पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसे सिख समुदाय ने धर्म का अपमान माना। सुखबीर बादल और उनकी सरकार पर इन घटनाओं के दौरान प्रभावी कदम न उठाने और राम रहीम को माफी दिलाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया।  

हमले और सुरक्षा में चूक पर आरोप

स्वर्ण मंदिर के पास हुई फायरिंग के बाद शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब पुलिस पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया। पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।  

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