चोरी हुए वाहनों की पहचान अब चुटकियों में , छग की पुलिसिंग में डिजिटल क्रांति का आगाज , आईजी दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग के विशेष प्रयास से 'सशक्त ऐप' किया गया लॉन्च...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़:  भिलाई, आम जनता और पुलिस बल के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वाहन चोरी की समस्या से निपटने के लिए 'सशक्त ऐप' का शुभारंभ किया गया है। इस अत्याधुनिक ऐप को आईजी दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग के विशेष प्रयास से विकसित किया गया है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय के साइबर भवन के उद्घाटन समारोह में किया।  

क्या है 'सशक्त ऐप' और कैसे करेगा काम?

‘सशक्त ऐप’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पुलिसकर्मियों को चोरी हुए वाहनों का डेटा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। पुलिस जवान अब किसी भी वाहन का इंजन नंबर, चेसिस नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर तुरंत यह पता लगा सकते हैं कि वाहन चोरी का है या नहीं।  

डिजिटल वर्कफ्लो:

 चोरी हुए वाहनों की जानकारी एप पर अपलोड करने की जिम्मेदारी हर जिले की डीसीआरबी (जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) शाखा को सौंपी गई है। इससे सुनिश्चित होगा कि डेटा हमेशा अपडेटेड रहे।  

चेकिंग को बनाएगा सरल

 पुलिस चेकिंग के दौरान, यह ऐप अधिकारियों को तुरंत जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे चोरी के वाहनों की बरामदगी तेज और प्रभावी हो सकेगी।  

त्रिनयन ऐप के बाद एक और कदम

‘सशक्त ऐप’ श्री गर्ग का दूसरा बड़ा प्रयास है। इससे पहले उन्होंने त्रिनयन ऐप विकसित किया था, जिसमें सीसीटीवी कैमरों का डेटा बेस पुलिस को उपलब्ध कराया गया था। दोनों ऐप्स ने पुलिसिंग को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम योगदान दिया है।  

कार्यक्रम में कौन-कौन हुआ शामिल?

इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जिनमें उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, विधायक गुरु सुखवंत साहेब, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगवा, और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे।  

ऐप कहां से डाउनलोड करें?

‘सशक्त ऐप’ को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। पुलिस बल के लिए यह ऐप एक नई तकनीकी क्रांति लेकर आया है, जो न केवल चोरी हुए वाहनों की पहचान को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य में पुलिसिंग को स्मार्ट और जवाबदेह बनाएगा।  

इस पहल से छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग अब तकनीकी तौर पर और सशक्त होगी। आईजी श्री गर्ग के इन प्रयासों ने राज्य के पुलिस बल को नई दिशा दी है, और उम्मीद है कि यह तकनीक अपराध पर लगाम कसने में बेहद कारगर साबित होगी।  

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