मैं जीने लायक नहीं , पत्नी से नहीं मिला पा रहा हूँ आँख , आत्मग्लानि से भरकर दुष्कर्म के आरोपी ने जेल वार्ड में की आत्महत्या...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : इंदौर , रेप मामले के 24 वर्षीय विचाराधीन कैदी महेंद्र सुजाराम प्रजापत ने एमवाय अस्पताल के जेल वार्ड में सलाइन की नली से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महेंद्र को राऊ पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था। हार्निया का ऑपरेशन होने के बाद उसे जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था।  

सुबह कैदियों ने देखा बेहोश

सुबह करीब साढ़े पांच बजे वार्ड में मौजूद अन्य कैदियों ने महेंद्र को बाथरूम से बेहोशी की हालत में देखा। उसे खींचकर वार्ड में लाया गया और तुरंत गार्ड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और गार्ड ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।  

सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट ने महेंद्र की मानसिक स्थिति का खुलासा किया। उसने लिखा, मैं जीने लायक नहीं हूं। जिंदगी से परेशान हूं। पत्नी से आंख नहीं मिला पा रहा हूं।

पारिवारिक और मानसिक तनाव बना कारण 

राजस्थान के नयागांव चौपड़ा का निवासी महेंद्र हलवाई का काम करता था। ऑपरेशन के दौरान उसकी पत्नी अस्पताल में मौजूद थी, लेकिन संभवतः उन दोनों के बीच का संवाद और परिस्थितियां महेंद्र के मानसिक तनाव का कारण बनीं। कैदियों के मुताबिक, महेंद्र लगातार दर्द से कराह रहा था और मानसिक रूप से टूट चुका था।  

जांच के आदेश

जेल अधीक्षक अलका सोनकर के अनुसार, महेंद्र को ऑपरेशन के बाद देखभाल के लिए जेल वार्ड में रखा गया था। घटना की सूचना मिलते ही संयोगितागंज पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंच गई। न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।