टीआई के लिए सख्त निर्देश
एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बैठक में साफ कहा, "जो थाना प्रभारी (टीआई) अपराधियों पर सख्ती से डंडा चलाने में नाकाम है या अपराधियों के साथ संबंध बना लेता है, उसकी थाने में कोई जरूरत नहीं है।" उन्होंने अपराधों में बढ़ोतरी को लेकर थाना प्रभारियों को जमकर फटकार लगाई।
चाकूबाजी और लूट की घटनाओं पर नाराजगी
हाल के दिनों में हुई चाकूबाजी, लूट और चोरी की घटनाओं पर एसपी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का मुख्य कारण थाना प्रभारियों का गश्त में लापरवाही बरतना है। एसपी ने चेतावनी दी कि अपराधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और थाना प्रभारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
नए साल से पहले अपराध मुक्त माहौल का लक्ष्य
एसपी ने आदेश दिया कि नए साल से पहले सभी अपराधियों और गुंडा तत्वों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने शाम के समय बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि पुलिस अधिकारी खुद भी फील्ड में उतरें। आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए एसपी ने कहा कि आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
लंबित मामलों पर भी सख्ती
बैठक में सभी थानों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कुछ थाना प्रभारियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन कई को लापरवाही के चलते फटकार का सामना करना पड़ा। एसपी ने कहा कि गंभीर मामलों को सुलझाने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंतिम चेतावनी: अपराधियों पर लगाम जरूरी
एसपी जितेंद्र शुक्ला ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
यह बैठक एक स्पष्ट संदेश है कि दुर्ग जिले में अपराध को किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। पुलिस को न केवल सख्ती दिखानी होगी बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी कायम करना होगा।

