भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कर्नाटक के रामनगर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। एक दिहाड़ी मजदूर मां ने अपने एक महीने के नवजात बेटे को 1.5 लाख रुपये में बेच दिया। वजह? अपने पति के ऊपर चढ़े कर्ज को चुकाने के लिए। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पिता ने अपने बच्चे के गायब होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
7 दिसंबर 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पिता ने कहा कि उसका बेटा घर से लापता है और उसे अपनी पत्नी पर शक है। इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि महिला ने अपने नवजात को बेच दिया था।
पति का बयान
नवजात के पिता ने बताया, "5 दिसंबर की शाम जब मैं काम से घर लौटा, तो मेरा बेटा गायब था। पत्नी ने कहा कि उसे कुछ स्वास्थ्य समस्या है और वह रिश्तेदार के साथ डॉक्टर के पास गई है। मैंने इस पर भरोसा कर लिया। लेकिन जब अगले दिन भी बच्चे का पता नहीं चला और पत्नी ने वही बात दोहराई, तो मुझे शक हुआ।"
पहले भी बच्चे को बेचने की दी थी सलाह
पिता के अनुसार, पत्नी ने पहले भी कर्ज चुकाने के लिए बच्चे को बेचने का सुझाव दिया था। इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। लेकिन पति को नहीं पता था कि उसकी पत्नी बिना बताए यह कदम उठा लेगी।
क्या था परिवार की स्थिति?
पति-पत्नी दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं और उनके पांच बच्चे हैं। बेहद कम आमदनी के कारण परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था। पिता के ऊपर 3 लाख रुपये से अधिक का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए महिला ने यह कठोर निर्णय लिया।
पुलिस ने मां को किया गिरफ्तार
पुलिस ने नवजात को बेचने के आरोप में मां को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे को खरीदने वाले लोग कौन हैं और उनका उद्देश्य क्या था।
मामला बना चर्चा का विषय
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। आर्थिक तंगी के कारण एक मां का अपने मासूम बच्चे को बेचना समाज की विकट परिस्थितियों की ओर इशारा करता है। यह घटना सरकार और समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे ऐसे परिवारों को सहायता पहुंचाई जाए, ताकि कोई मां अपने बच्चे को बेचने पर मजबूर न हो।
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