बेटे की पीड़ा और पिता की बीमारी
अमित अपने पिता विजय कुमार की लंबी बीमारी से परेशान थे। पिता की बिगड़ती सेहत ने उन्हें गहरे अवसाद में धकेल दिया था। अमित ने अपने पिता का कई जगह इलाज कराया, लेकिन सेहत में कोई सुधार न होने के कारण वह मानसिक दबाव झेल रहे थे। आखिरकार, मंगलवार की सुबह उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पिता ने नहीं सहा बेटे का गम
बेटे की मौत की खबर मिलते ही विजय कुमार पर गहरा आघात हुआ। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे विजय कुमार इस सदमे को सहन नहीं कर सके और कुछ ही घंटों के भीतर उनका भी निधन हो गया।
मोहल्ले में शोक की लहर
एक ही दिन में पिता और पुत्र के निधन ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। स्थानीय लखोली मुक्तिधाम में मंगलवार देर शाम को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों की अर्थी एक साथ उठते देख मोहल्ले के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
परिवार के अन्य सदस्य इस दुखद घटना से टूट चुके हैं। आस-पड़ोस के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पिता-पुत्र के बीच बेहद गहरा भावनात्मक जुड़ाव था।

