भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई , 2022 में भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीन आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने मृतक श्याम कुमार उर्फ मोनू की निर्मम हत्या की थी। उसे नामर्द कहने पर, उन्होंने पत्थर से उसका लिंग कुचलकर उसकी जान ले ली और फिर शव को नग्न अवस्था में आईटीआई ग्राउंड में फेंक दिया।
हत्या की घटनाक्रम
यह घटना 6-7 फरवरी 2022 की रात की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक की नग्न लाश आईटीआई ग्राउंड में पड़ी हुई है। थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की, और शव की पहचान श्याम कुमार उर्फ मोनू के रूप में हुई। जांच के दौरान, पुलिस को प्रारंभ में कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद एक महत्वपूर्ण क्लू मिला।
मर्डर की साजिश
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों, बलराम क्षत्रिय, झुमन साहू और यशवंत कुमार यादव को 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि श्याम कुमार उर्फ मोनू ने बलराम की पत्नी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं और उसे नामर्द कहकर अपमानित किया था। इस अपमान का बदला लेने के लिए बलराम और झुमन ने उसे शराब पिलाने के बहाने आईटीआई ग्राउंड में बुलाया, जहां उन्होंने उसकी हत्या कर दी। बलराम ने हत्या के बाद श्याम का लिंग पत्थर से कुचला और बाद में उसकी पहचान छुपाने के लिए उसके सिर को भी पत्थर से कुचला।
सजा का ऐलान
अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग श्यामवती मरावी ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी यशवंत कुमार यादव को चार साल की सश्रम कारावास और जुर्माना लगाया गया। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार चंदेल ने मामले की मजबूत पैरवी की।
यह मामला न केवल हत्या की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि समाज में बढ़ते हुए अपमान और हिंसा के मामलों पर भी सवाल उठाता है।
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