CG : दुष्कर्म पीड़िता की आरोपी से मामला ख़त्म करने 1 करोड़ की डिमांड , 61 लाख में हुआ सौदा तय , रंगे हाथों हुई गिरफ्तार....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग ) सरगुजा जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां दुष्कर्म पीड़िता और उसके सहयोगियों को रंगे हाथों ब्लैकमेलिंग करते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह मामला रायपुर के कपड़ा व्यापारी विनोद केडिया से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस प्रकरण में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 लाख रुपये, एक कार, तथा एक स्कूटी भी बरामद की है।

मामला कैसे शुरू हुआ?

पिछले महीने सरगुजा के कमलेश्वरपुर थाने में एक युवती ने व्यापारी विनोद केडिया पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि उनकी जान-पहचान के बाद व्यापारी ने उसे मैनपाट के एक रिजॉर्ट में घुमाने ले जाकर दुष्कर्म किया। इस शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी।

ब्लैकमेलिंग का खुलासा

इस मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब आरोपी व्यापारी के जीजा सुभाष अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि दुष्कर्म पीड़िता और उसके दोस्त संतोष विश्वकर्मा ने केस को खत्म करने के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की है। सौदा 61 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें से 21 लाख रुपये की टोकन मनी मांगी गई थी। आरोपियों ने यह आश्वासन दिया कि पैसे मिलने के बाद पीड़िता गवाही देकर केस खत्म करवा देगी।

पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी

सुभाष अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये अंबिकापुर कोर्ट के पीछे दिए गए, जहां दुष्कर्म पीड़िता भी मौजूद थी। दूसरी किश्त के लिए 25 दिसंबर को अनन्या होटल के पास बुलाया गया। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और युवती व उसके दोस्तों को पैसे लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पीड़िता के अलावा सूरजपुर के संतोष विश्वकर्मा, मनेन्द्रगढ़ के कमलेश देवांगन, और महोरपारा के घनश्याम विश्वकर्मा शामिल हैं।

क्या-क्या बरामद हुआ?

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 10 लाख रुपये नकद, एक कार और एक स्कूटी जब्त की। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का बयान

सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि यह मामला न केवल दुष्कर्म के आरोपों की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह से कुछ लोग न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं।