पुलिस की सटीक कार्यवाही
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने इस मामले में सख्त निर्देश दिए थे कि ठगी की रकम विदेश भेजने वाले सभी आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद रेंज साइबर थाना रायपुर ने इस मामले में जांच शुरू की। पहले दिल्ली निवासी पवन कुमार और गगनदीप को गिरफ्तार किया गया था। ताजा कार्रवाई में रायपुर पुलिस ने प्रोग्रेसिव पॉइंट, लालपुर में छापेमारी कर दिल्ली के संदीप रात्रा (41 वर्ष) और रायपुर के राजवीर सिंह (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
फर्जी कंपनियों का जाल
आरोपियों ने "क्रोमा शिपिंग और लॉजिस्टिक्स" नामक फर्जी कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के नाम पर इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक में फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए खाते खोले गए। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विदेश भेजने के लिए किया जाता था।
आरोपियों को भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में
आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में अभी भी जांच जारी है, और पुलिस अन्य संबंधित आरोपियों का पता लगाने के लिए प्रयासरत है।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ बड़े साइबर ठगों का नेटवर्क सामने आया है, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ है कि किस तरह फर्जी कंपनियों और विदेशी बैंक खातों का उपयोग कर ठगी के पैसे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया जा रहा था।

