भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 2021 की दिल दहला देने वाली घटना में एक 7 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। इस मामले में पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इसे उम्रकैद में बदल दिया है।
घटना का विवरण: इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना
यह दर्दनाक घटना 28 फरवरी 2021 को कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई थी। 8:30 बजे रात के करीब पड़ोसी दीपक बघेल ने एक झांकी समारोह के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। उसने लड़की के 5 साल के भाई को वहीं छोड़कर उसे रेलवे ट्रैक की ओर ले जाकर दुष्कर्म किया। बाद में उसने पत्थर से सिर कुचलकर लड़की की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। शव ट्रेन से क्षत-विक्षत हो गया, जिससे यह मामला और भी खौफनाक बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
घटना के बाद पुलिस ने दीपक बघेल के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 (2) (F), 376 (2) (I), 302, और 201 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत जुटाए गए और दीपक को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मात्र 8 महीने में मामले की सुनवाई पूरी की और इसे "रेयर ऑफ रेयरेस्ट" की श्रेणी में मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई।
हाईकोर्ट का फैसला: उम्रकैद में बदली फांसी
दोषी ने फांसी की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस ए.के. प्रसाद की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि घटना बेहद जघन्य और अमानवीय है, लेकिन इसे "रेयर ऑफ रेयरेस्ट" की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोषी दीपक बघेल की अपील को स्वीकार करते हुए फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आदेश दिया।
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