CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में NIA की बड़ी कार्रवाई: टीम की 11 ठिकानों पर छापेमारी, नकदी सहित , IED और नक्सली साहित्य जब्त...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित धमतरी और गरियाबंद जिलों में NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने 11 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई विधानसभा चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टी पर हुए हमले की जांच के तहत की गई है। हमले में ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के एक जवान शहीद हुए थे।  

रेड में क्या बरामद हुआ?

NIA टीम ने तलाशी के दौरान डेढ़ लाख रुपये नकद, IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस), नक्सली साहित्य, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए। यह सामान उन 11 संदिग्धों के ठिकानों से मिला है, जो कथित तौर पर प्रतिबंधित माओवादी संगठन CPI (माओवादी) के ओवर ग्राउंड वर्कर बताए जा रहे हैं।  

पोलिंग पार्टी पर हमला: पीछे कौन था?

27 दिसंबर को NIA द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, पिछले साल हुए हमले में मैनपुर-नुआपाड़ा डिवीजन के नक्सलियों का हाथ था। विधानसभा चुनाव के दौरान, मतदान के बाद पोलिंग पार्टी पर बड़ेगोबरा इलाके में IED ब्लास्ट किया गया था। इस हमले में ITBP के एक हेड कांस्टेबल शहीद हो गए थे।  

कहां-कहां हुई छापेमारी?

छापेमारी के तहत गरियाबंद और धमतरी के सेमरा, मैनपुर, केराबाहरा, घोरागांव और रावन डिग्गी जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी ली गई।  

NIA की जांच और आरोप पत्र

अब तक NIA ने जांच के आधार पर 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अधिकारी इस मामले को CPI (माओवादी) की बड़ी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। NIA का कहना है कि ये सभी संदिग्ध माओवादी संगठनों को समर्थन देने और उनकी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में शामिल थे।  

क्यों है यह छापेमारी अहम?

यह रेड न केवल माओवादी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने वाली ताकतों के खिलाफ सरकार कितनी गंभीर है। NIA की इस कार्रवाई से माओवादियों के समर्थकों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स पर लगाम लगाने की उम्मीद है।